देश की खबरें | दिल्ली दंगा: छात्र कार्यकर्ता ने जेल में मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 सितंबर गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून के तहत गिरफ्तार छात्र कार्यकर्ता गुलफिशा फातिमा ने दिल्ली की एक अदालत में सोमवार को आरोप लगाया कि जेल अधिकारी उसके खिलाफ सांप्रदायिक टिप्पणी करते हैं और उसे मानसिक यातना दे रहे हैं।

एमबीए स्नातक फातिमा उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद है।

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छात्रा ने यह आरोप उस वक्त लगाया जब उसे मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष समक्ष पेश किया गया।

फातिमा ने आरोप लगाया कि जेल में कर्मियों द्वारा उससे भेदभाव किया जा रहा है।

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छात्रा ने कहा, ‘‘जेल में मुझे एक समस्या हो रही है। जब से मैं यहां लाई गई हूं मैं लगातार जेल कर्मियों के द्वारा भेदभाव का सामना कर रही हूं। वे मुझे शिक्षित आतंकवादी कहकर पुकारते हैं और मुझ पर सांप्रदायिक टिप्पणी करते हैं। मैं यहां मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रही हूं। यदि मैं खुद को कोई नुकसान पहुंचाती हूं तो इसके लिये सिर्फ जेल अधिकारी जिम्मेदार होंगे।’’

फातिमा के सीधे अदालत में अपनी दलील देने पर न्यायाधीश ने उसके वकील को इस बारे में एक अर्जी दायर करने को कहा।

इसपर, छात्रा के वकील महमूद प्राचा ने कहा कि वह इस मामले में आवश्यक कार्य करेंगे।

अदालत ने सोमवार को आरोपी के वकीलों को आरोपपत्र की प्रति सौंपे जाने का निर्देश दिया और मामले पर अगली सुनवाई के लिए तीन अक्टूबर की तारीख निर्धारित कर दी।

आरोपपत्र गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून और भारतीय दंड संहिता तथा शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल किया गया है।

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