Independence Day 2021: सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा- देश में ‘शासन की प्रयोगशाला’ बन कर उभरी है दिल्ली
उन्होंने कहा कि अब लोगों को लंबी कतारों में खड़े होने या दलालों को पैसा देने की जरूरत नहीं है. वे परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जा सकते हैं और एक घंटे के भीतर ड्राइविंग लाइसेंस ले सकते हैं. उन्हें इंटरनेट का इस्तेमाल करने की भी जरूरत नहीं है, वे 1076 पर फोन कर सकते हैं और एक सरकारी अधिकारी उनके घर जाएगा.
नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने रविवार को कहा कि दिल्ली विभिन्न क्षेत्रों में ‘‘शासन की प्रयोगशाला’’ के रूप में उभरी है. उन्होंने 27 सितंबर से सरकारी विद्यालयों में ‘देशभक्ति’ पाठ्यक्रम शुरू करने और दो अक्टूबर से आवासीय इलाकों में योग कक्षाएं आयोजित करने की घोषणा की. दिल्ली सचिवालय में स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के अपने संबोधन में केजरीवाल ने स्वतंत्रता सेनानियों और महामारी में लोगों की सेवा करते हुए जान गंवाने वाले डॉक्टरों (Doctors), नर्सों (Nurses) और स्वास्थ्यकर्मियों (Health Worker) को श्रद्धांजलि दी. सीएम Arvind Kejriwal ने कहा- दिल्ली में स्कूलों को खोलने की फिलहाल कोई योजना नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में महान क्रांतिकारी भगत सिंह की जयंती पर 27 सितंबर से देशभक्ति पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘यह एक गतिविधि आधारित पाठ्यक्रम होगा और विद्यालय के बच्चों को देश के विकास में योगदान देकर अपना ‘शौर्य’ दिखाने और देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने तक के लिए तैयार रहना सिखाया जाएगा.’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर मैं सभी से एक साथ आगे आने और देशभक्ति तथा आजादी का जश्न मनाने की अपील करता हूं. मैं उम्मीद करता हूं कि दिल्ली सरकार द्वारा बनाया गया देशभक्ति पाठ्यक्रम देश के प्रत्येक विद्यालय में पढ़ाया जाएगा.’’
सरकार की विभिन्न पहलों और कार्यक्रमों के बारे में केजरीवाल ने कहा, ‘‘दिल्ली शासन की एक प्रयोगशाला के रूप में उभरी है और न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में इसकी विभिन्न पहल पर चर्चा की जा रही है और इसे अपनाया जा रहा है.’’
केजरीवाल ने महामारी के दौरान जान गंवाने वाले अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को सलाम करते हुए कहा कि सरकार ने उनके परिवार को कृतज्ञता जताते हुए और उनका सम्मान करने के लिए एक करोड़ रुपये की राशि दी है और उनसे कहा कि वे अकेले नहीं है.
उन्होंने यह भी घोषणा की कि दिल्ली के सभागारों और उद्यानों में दो अक्टूबर से योग कक्षाएं आयोजित होंगी. केजरीवाल ने कहा, ‘‘ दिल्ली ने पूरी दुनिया को योग दिया लेकिन अब यह खत्म होता जा रहा है.
हर साल 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह से इतर योग को लेकर कुछ ख़ास नहीं हो रहा है. हम योग कक्षाएं शुरू करेंगे और योग शिक्षकों और प्रशिक्षकों की एक बड़ी टीम तैयार करेंगे. योग सीखने के इच्छुक 30-40 लोगों का एक समूह हमसे संपर्क कर सकता है और उन्हें योग प्रशिक्षक मुहैया कराएंगे.’’
केजरीवाल ने तोक्यो ओलंपिक में पदक जीतनेवाले खिलाड़ियों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि देश को अगली बार 70 मेडल जीतने के लिए तैयार रहना होगा. उन्होंने खिलाड़ियों को दिल्ली सरकार के खेल विश्वविद्यालय में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया.
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली 2047 के बाद शहर में ओलंपिक की मेजबानी करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने लोगों से 2047 तक दिल्ली को दुनिया का सबसे अच्छा और रहने के लिए बेहतरीन शहर बनाने और भारत को दुनिया का मज़बूत राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करने की अपील की.
दिल्ली का अपना शिक्षा बोर्ड बनाने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय में बच्चों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा की पहुंच होगी क्योंकि दिल्ली विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड के साथ समझौता किया है.
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में सैनिक स्कूल होगा, जो पहले नहीं था और छात्रों को सशस्त्र बलों के लिए तैयार करने के वास्ते दिल्ली सशस्त्र बल प्रशिक्षण अकादमी शुरू करने की तैयारियां भी की जा रही है.
दिल्ली के विकास के मॉडल के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लिनिक जैसी पहलों और स्कूलों ने दुनियाभर में पहचान बनायी है. उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार की उद्यम कक्षाओं में भविष्य के टाटा-बिड़ला तैयार किए जा रहे हैं.’’
उन्होंने कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी ने सरकारी स्कूलों में ‘हैप्पीनेस’ कक्षाओं की तारीफ की थी. कोविड-19 महामारी के दौरान दिल्ली प्लाज्मा बैंक और दुनिया में पहली बार घर पर पृथक वास की अवधारणा लेकर आयी.
मुख्यमंत्री ने इस पर खुशी जतायी कि पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी करने की सरकार की दूरदृष्टि को धीरे-धीरे पहचाना जा रहा है और देश में कई राज्यों ने इसे अपनाया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इलाज का खर्च उठाने की नीति के जरिए 10,000 से अधिक उन लोगों की जान बचा पायी जो दुर्घटनाओं में घायल हुए.
केजरीवाल ने सरकार की विभिन्न सेवाओं की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध कराने का वादा किया. उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों की परेशानियों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘पिछले हफ्ते हमने आरटीओ कार्यालय में ताला लगा दिया जिससे कई लोग खुश हुए. कार्यालय में ताला लगाने का यह मतलब नहीं है कि यह बंद हो गया. इसका मतलब है कि अब आपको कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है.’’
उन्होंने कहा कि अब लोगों को लंबी कतारों में खड़े होने या दलालों को पैसा देने की जरूरत नहीं है. वे परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जा सकते हैं और एक घंटे के भीतर ड्राइविंग लाइसेंस ले सकते हैं. उन्हें इंटरनेट का इस्तेमाल करने की भी जरूरत नहीं है, वे 1076 पर फोन कर सकते हैं और एक सरकारी अधिकारी उनके घर जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जैसे आप पिज्जा ऑर्डर करते हैं वैसे ही आपको बस 1076 पर फोन करना होता है और एक प्रतिनिधि सभी दस्तावेज लेने आपके पास आएगा, आप फॉर्म और अपनी फीस भरिए. प्रतिनिधि सारी औपचारिकताएं पूरी करेगा, लाइसेंस बन जाएगा और आपके पास पहुंच जाएगा.’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2021 08:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

