देश की खबरें | दिल्ली सरकार 500 तिरंगे लगाएगी, देखभाल के लिए स्वयंसेवक आधारित समितियों का गठन

नयी दिल्ली, चार जून दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार अपने ‘‘देशभक्ति बजट’ के तहत राष्ट्रीय राजधानी में 500 तिरंगे लगाएगी, जिनकी देखभाल के लिए स्वयंसेवक आधारित समितियां बनाई गई हैं।

केजरीवाल के मुताबिक, प्रत्येक तिरंगा सम्मान समिति अपने साथ 1,000 युवा स्वयंसेवकों को जोड़ेगी, जो समाज कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए प्रतिबद्ध होंगे।

त्यागराज स्टेडियम में तिरंगा सम्मान समिति के स्वयंसेवकों को संबोधित करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘दिल्ली में हर पांच सदस्यीय तिरंगा सम्मान समिति तिरंगे पर नजर रखेगी और उसकी देखरेख करेगी। तिरंगा सम्मान समिति पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को बताएगी कि धूल, तूफान या प्रदूषण के कारण किसी तिरंगे को कोई नुकसान तो नहीं पहुंचा है।’’

केजरीवाल ने कहा कि ये समितियां अपने-अपने क्षेत्र में 1,000 स्वयंसेवकों को जोड़ेंगी, जो देश की सेवा और समाज कल्याण की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इन स्वयंसेवकों को पांच कर्तव्य सौंपे जाएंगे। उनके क्षेत्र में कोई भी भूखे पेट न सोए, कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे, जरूरतमंदों को चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जाए, कोई भी सड़कों पर बेघर न रहे और संबंधित क्षेत्रों में साफ-सफाई हो।’’

उन्होंने कहा कि 500 ​​तिरंगा सम्मान समिति द्वारा जोड़े गए ये पांच लाख स्वयंसेवक दिल्ली को आगे ले जाएंगे और राष्ट्रीय राजधानी की हर जरूरत में मदद करेंगे, चाहे वह महामारी हो या कोई अन्य स्थिति।

केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में फिलहाल अलग-अलग जगहों पर 200 तिरंगे लगाए जा चुके हैं और 15 अगस्त तक सभी 500 तिरंगे लगा दिए जाएंगे। दिल्ली सरकार ने पिछले साल अपने ‘देशभक्ति बजट’ के तहत पूरे शहर में 115 फुट की ऊंचाई वाले 500 तिरंगे लगाने की घोषणा की थी।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर रविवार सुबह तिरंगा सम्मान समिति के सदस्य राष्ट्रगान गाने के लिए तिरंगे के नीचे इकट्ठा होंगे।

केजरीवाल ने घोषणा की कि जल्द ही दिल्ली सरकार ‘‘हर हाथ तिरंगा’’ कार्यक्रम शुरू करेगी। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।

केजरीवाल ने यह भी कहा कि तिरंगा सम्मान समितियों द्वारा जोड़े गए स्वयंसेवक बेघर बच्चों की एक सूची भी तैयार करेंगे ताकि उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा बनाए जा रहे आधुनिक बोर्डिंग स्कूल में भेजा जा सके।

इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के प्रधान सचिव एच राजेश प्रसाद भी मौजूद थे। सिसोदिया, जिनके पास पीडब्ल्यूडी विभाग भी है, ने कहा कि भारत के लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन झंडों का ध्यान रखा जाए और वे बेदाग रहें।

उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में, हमें अपने तिरंगे के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए, जैसा कि हम एक बच्चे की देखभाल करते हैं। जिस तरह से हम बच्चों के बाहर जाने पर उनकी भलाई के बारे में चिंतित होते हैं, उसी तरह, हर दिन, तिरंगा सम्मान समिति के किसी व्यक्ति को जांच करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और यदि कोई समस्या है, तो अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए।’’

सिसोदिया ने कहा कि झंडों के लिए अब तक करीब 375 ऊंचे खंभे लगाए जा चुके हैं। पिछले साल सितंबर में आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार ने परियोजना के लिए बजट बढ़ाकर 104.37 करोड़ रुपये कर दिया था, जो पहले 45 करोड़ रुपये था।

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