नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर दिल्ली की आम आदमी पार्टी नीत सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्ला खान के कार्यकाल के दौरान कथित अनियमितताओं का विशेष ऑडिट शुरू किया है।
अधिकारियों ने बताया कि चार सदस्य टीम वक्फ बोर्ड के प्रमुख के तौर पर मार्च 2016 से मार्च 2020 के दौरान खान के कार्यकाल के रिकॉर्ड का ऑडिट कर रही है।
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प्रधान सचिव (राजस्व) के दफ्तर की ओर से पिछले महीने दिल्ली वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लिखे गए पत्र के मुताबिक, '' दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर अमानतुल्ला खान द्वारा की गई अनियमितताओं से संबंधित विशेष ऑडिट होगा जो मार्च 2016 से मार्च 2020 तक प्रभावी है।''
ओखला से आप विधायक खान ने विशेष ऑडिट कराए जाने की पुष्टि की लेकिन इसपर टिप्पणी करने से इनकार किया।
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खान को सर्वसम्मति से वक्फ बोर्ड का सदस्य चुना गया है लेकिन उनके चुनाव को सरकार ने अभी अधिसूचित नहीं किया है।
वह इस साल शुरू में हुए विधानसभा चुनाव से पहले तक दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष थे। तब बोर्ड के सदस्य के तौर पर उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था।
बोर्ड के सदस्य के तौर पर निर्वाचित होने के बाद, खान बोर्ड के फिर से अध्यक्ष बन सकते हैं। अगर वह बोर्ड के अध्यक्ष बनते हैं तो यह लगातार उनका तीसरा कार्यकाल होगा।
खान 2016 में करीब छह महीने के लिए बोर्ड के अध्यक्ष रहे और फिर सितंबर 2018 से मार्च 2020 तक इस पद पर काबिज रहे।
वर्ष 2016 में अपने कार्यकाल के दौरान बोर्ड में नियुक्तियां किए जाने को लेकर उनके खिलाफ सीबीआई जांच लंबित है।
इस साल विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) ने भी खान के खिलाफ कोष के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया था।
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