नयी दिल्ली, 25 जून: दिल्ली में रोहिणी के रिठाला इलाके में विनिर्माण की कई इकाइयों वाली पांच मंजिला इमारत में आग लग जाने से चार लोगों की मौत हो गयी जबकि तीन अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे दमकल विभाग को रोहिणी सेक्टर-5 इलाके में स्थित इमारत में आग लगने की सूचना मिली और इसके बाद दमकल की 16 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. दिल्ली दमकल सेवा (डीएफएस) के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि घटना रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास स्थित परिसर में होने की सूचना मिली थी. अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का कारण अभी ज्ञात नहीं है और इस संबंध में जांच की जा रही है. मलबे में कोई दबा है या नहीं यह पता लगाने के लिए तलाश अभियान जारी है. पुलिस ने अब तक आग में झुलसे चार लोगों के शव बरामद किए हैं.
यहां एक दमकलकर्मी ने बताया कि तीन घायल लोगों को बाबा साहब आंबेडकर (बीएसए) अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी पहचान नितिन बंसल (31), राकेश (30) और विरेंद्र (25) के रूप में हुई है. नितिन बंसल और राकेश आग में 80 प्रतिशत तक झुलस गए हैं जबकि विरेंद्र मामूली रूप से झुलसा है. उन्होंने बताया कि नितिन और राकेश को बाद में आगे के उपचार के लिए राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल भेज दिया गया. अधिकारी ने बताया कि देर रात करीब एक बजकर 15 मिनट पर दमकल कर्मियों ने पहली मंजिल से तीन लोगों के शव बरामद किए जो झुलसे हुए थे. बाद में एक और शव बरामद किया गया.
दमकल अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह छह बजे तक निचली मंजिलों पर आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन भारी धुएं के कारण तीसरी और सबसे ऊपरी मंजिल पर अब भी अग्निशमन कार्य जारी है. डीएफएस के सहायक मंडल अधिकारी (एडीओ) राजेश कुमार ने बताया कि शीतलन कार्य जारी है. डीएफएस के सूत्रों के अनुसार, भवन में कोई अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र नहीं है और आपातकालीन स्थिति में परिसर को खाली कर सकने के लिए कोई उचित क्षेत्र भी नहीं है. अग्निशमन अधिकारी ने कहा, ‘‘शुरू में हमें पता चला कि प्रिंटिंग के लिए भूतल पर रसायन रखा हुआ था.’’ पुलिस के अनुसार आग लगने की सूचना मंगलवार को शाम सात बजकर 29 मिनट पर बुध विहार थाने के पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को फोन पर मिली थी. इसके बाद स्थानीय पुलिस के साथ आपातकालीन अधिकारी रिठाला में राणा कॉम्प्लेक्स, गेट नंबर 2 स्थित घटनास्थल पर पहुंचे, जहां जलती हुई इमारत के अंदर कई लोगों के फंसे होने की सूचना मिली. यहां इस पांच मंजिला इमारत में कई निर्माण इकाइयां मौजूद हैं. यह भी पढ़ें : उत्तर प्रदेश: तेज रफ्तार कार की टक्कर से डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत
पुलिस ने बताया कि भवन के मालिक सुरेश बंसल के बेटे नितिन बंसल द्वारा भूतल और प्रथम तल का उपयोग रेडीमेड और प्लास्टिक बैग बनाने के लिए किया जाता था. जबकि दूसरी मंजिल आनंद नाम के व्यक्ति को कपड़े से संबंधित काम के लिए किराए पर दी गई थी और तीसरी तथा सबसे ऊपरी मंजिल का उपयोग राकेश अरोड़ा नाम के व्यक्ति द्वारा गोदाम के रूप में किया जा रहा था, जो डिस्पोजेबल (इस्तेमाल के बाद फेंक दिए जाने वाले) वस्तुओं का कारोबार करते हैं. इलाके में रहने वाले इंदर शर्मा ने बताया, ‘‘मुझे आस-पास के लोगों ने फोन किया और कार को मौके से हटाने के लिए कहा.’’ शर्मा ने यह भी दावा किया कि इमारत में रहने वाले कुछ लोग पहली और दूसरी मंजिल से कूद गए थे, जिन्हें पास के अस्पताल में ले जाया गया.













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