नयी दिल्ली, 15 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि ‘अमृत काल' के दौरान लिए गए निर्णय और उठाए गए कदम आने वाली सहस्राब्दी को प्रभावित करेंगे।
देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ‘गुलामी की मानसिकता’ से बाहर निकल आया है और नए आत्मविश्वास एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम भाग्यशाली हैं कि आजादी के ‘अमृत काल’ में जी रहे हैं। इस ‘अमृत काल’ में हम जो निर्णय लेंगे, हमारे कार्य और बलिदान अगली सहस्राब्दी के गौरवशाली इतिहास का मार्ग प्रशस्त करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस युग की घटनाएं अगली सहस्राब्दी को प्रभावित करेंगी।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में ‘जनसांख्यिकी, लोकतंत्र और विविधता’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘इन तीनों में सभी सपनों को पूरा करने की क्षमता है... जबकि अन्य देश बूढ़े हो रहे हैं, भारत युवा है। हमारे यहां दुनिया में सबसे ज्यादा युवा हैं।’’
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