ग्रीन ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) से कहा, ‘‘हम हवाई में इस पीढ़ी की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा के बारे में बात कर रहे हैं” और यह बहुत दुख की बात है इस घटना में 53 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है क्योंकि बचाव दलों का तलाश अभियान अभी जारी है।
ग्रीन ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि 1,000 से अधिक ढांचें नष्ट हो गए हैं।
माउ के मेयर रिचर्ड बिसेन के साथ प्रभावित शहर का दौरा करने के बाद ग्रीन ने कहा, ‘‘कुछ अपवादों को छोड़ दें तो लहैना पूरी तरह से जलकर राख हो चुका है। वहां की स्थिति देखकर प्रतीत होता है कि लहैना में जैसे बम से हमला किया गया हो।’’
समाजसेवी विशेषज्ञों ने माउ के पीड़ितों की मदद के लिए दान करना चाह रहे लोगों से अभी इंतजार करने को कहा।
‘सेंटर फॉर डिजास्टर फिलैंथ्रोपी’ की उपाध्यक्ष रेजीन वेबस्टर ने कहा कि जब तक दमकल कर्मी अपना कार्य खत्म नहीं कर लेते तब तक आवश्यकताओं का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने संभावित दानकर्ताओं से ऐसे संगठनों की मदद करने का आग्रह किया जिनके स्थानीय स्तर पर संपर्क हों।
ऐतिहासिक शहर लहैना की मौजूदा तस्वीरों से वहां के विनाशकारी हालात का पता चलता है। हवाई में आपात दलों के कर्मी पीड़ितों को बचाने और जंगल में लगी आग पर काबू पाने के काम में जुटे हैं। यह आग इस सप्ताह माउ के कई हिस्सों तक फैल गई।
व्हाइट हाउस ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने गवर्नर ग्रीन से फोन पर बात की और घटना में हुए जान-माल के नुकसान को लेकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इससे पहले बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस ने बताया कि राष्ट्रपति ने राज्य में आपदा घोषित करने को मंजूरी दे दी है, जिससे संघीय सहायता का रास्ता साफ हो गया है।
एपी सुरभि नोमान
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