रामदास आठवले ने कहा, उत्तर प्रदेश का दलित वोट अब BSP के साथ नहीं
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश का दलित वोट अब बहुजन समाज पार्टी के साथ नहीं, बल्कि भाजपा के साथ है. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज भी बसपा नहीं, भारतीय जनता पार्टी के साथ ही रहेगा.
लखनऊ: रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश का दलित वोट अब बहुजन समाज पार्टी के साथ नहीं, बल्कि भाजपा के साथ है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज भी बसपा (BSP) नहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ ही रहेगा. शनिवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर आए आठवले ने यहां लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में मायावती द्वारा ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के सवाल पर कहा, ''मुझे लगता है कि बसपा के साथ 8-10 प्रतिशत ब्राह्मण जा सकता है लेकिन बहुमत में ब्राह्मण भाजपा के ही साथ रहेगा. वह जमाना चला गया है जब मायावती ब्राह्मण, दलित और अल्पसंख्यकों के बल पर अकेली सत्ता में आई थीं.
आठवले ने दावा किया, ''उत्तर प्रदेश का दलित वोट अब बसपा के साथ नहीं, हमारे साथ है. भाजपा से टक्कर लेना किसी के बस की बात नहीं है, कांग्रेस भी खत्म हो गई है. उल्लेखनीय है कि बसपा प्रमुख मायावती के निर्देश पर बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र की अगुवाई में 23 जुलाई से अयोध्या से ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन की श्रृंखला शुरू की गई है. आठवले ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के प्रभाव को भी सिरे से खारिज किया और कहा कि यदि सपा तथा बसपा मिलकर चुनाव लड़तीं तो कुछ वोट पा सकती थीं. यह भी पढ़े: UP Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश में BSP प्रमुख मायावती के बाद ब्राह्मणों को लुभाने में जुटी एसपी और कांग्रेस
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संशोधन विधेयक ला रही है जिसके बाद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण देने का अधिकार राज्यों को मिलेगा. आरपीआई अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी 26 सितंबर से गाजियाबाद से बहुजन समाज कल्याण यात्रा प्रारंभ करेगी जो 18 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होगी. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कहा कि पूरे प्रदेश में निकाली जाने वाली इस यात्रा का समापन लखनऊ में बड़ी रैली के साथ होगा जिसमें काफी संख्या में लोग शामिल होंगे.
उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर को लखनऊ के रमाबाई आंबेडकर पार्क में होने वाली बहुजन कल्याण महारैली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे. बसपा को उत्तर प्रदेश में निष्प्रभावी बनाने के फार्मूले को लेकर आठवले ने योगी से शनिवार को मुलाकात भी की. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में आरपीआई के लिए आठ से 10 सीट मांगी हैं.’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आरपीआई को यदि आठ-दस सीट गठबंधन में मिलती हैं तो इसका फायदा भाजपा को मिलेगा. उन्होंने कहा, ''ममता बनर्जी कह रही हैं कि 2024 में खेला होगा, लेकिन मैं ममता बनर्जी को बताना चाहता हूं कि 2024 में खेला नहीं होगा, बल्कि नरेंद्र मोदी की सत्ता का मेला होगा और वह फिर सत्ता में आएंगे. आठवले ने कहा, ''विरोधी दलों के लोग जितना एक साथ आएंगे, उतना ही ज्यादा फायदा मोदी को होगा और जितनी टीका-टिप्पणी नरेंद्र मोदी पर होगी, उतना ही फायदा भाजपा का होगा.
उन्होंने शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद से उनके आवास पर मुलाकात की और मुसलमानों खासकर शियाओं से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की. इस बारे में जारी एक बयान के अनुसार, मौलाना ने कहा कि बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और केंद्रीय मंत्री के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई.
मौलाना ने कहा, “हमने मांग की है कि मुसलमानों, विशेषकर शियाओं को उस आरक्षण में शामिल किया जाए जो सरकार पिछड़े वर्गों को दे रही है क्योंकि मुसलमानों में शिया आर्थिक और सामाजिक रूप से सर्वाधिक पिछड़े हुए हैं जिनके विकास के लिए किसी सरकार ने कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि वह हमारी मांगों को सरकार के सामने रखेंगे और उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कदम उठाए जाएंगे.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2021 07:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

