विदेश की खबरें | बोस्निया में पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं क्रोट नेता बोरजाना क्रिस्टो
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

क्रिस्टो ने मनोनीत प्रधानमंत्री की भूमिका स्वीकार कर ली है। बोस्निया की संसद के 42 सदस्यीय निचले सदन में 23 सांसदों ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उनके पास मंत्रिमंडल गठन के लिए 35 दिन का वक्त है।

देश में अक्टूबर में हुए चुनाव में 10 राजनीतिक दलों ने मिलकर 24 सीटें जीती थी। इन दलों के सांसदों ने अपने वैचारिक मतभेदों के बावजूद क्रिस्टो की अगुवाई में बहु-जातीय गठबंधन सरकार का समर्थन किया। क्रिस्टो अपने तीन दशक के राजनीतिक करियर में विभिन्न विधायी और कार्यकारी पदों पर रह चुकी हैं।

बोस्निया के संविधान द्वारा जनादेश प्राप्त गठबंधन में देश के तीन प्रमुख जातीय समूह बोस्नियाक्स, क्रोट्स और सर्ब्स के प्रतिनिधि शामिल हैं।

एक दशक में पहली बार सत्तारूढ़ गठबंधन में मुख्य बोस्नियाक राष्ट्रवादी दल एसडीए शामिल नहीं है।

मतदान से पहले सांसदों को दिए संबोधन में क्रिस्टो ने कई आर्थिक और राजनीतिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने का संकल्प लिया जिसे यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए देश को लागू करना होगा।

बोस्निया ने 2003 में यूरोपीय संघ में शामिल होने की इच्छा जतायी थी लेकिन देश के जातीय नेता अपने मतभेदों को दूर रखने तथा आवश्यक सुधारों को लागू में नाकाम रहे हैं।

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