तिरुवनंतपुरम, चार जून केरल में लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मंगलवार को कहा कि पार्टी और वाम मोर्चा उन सभी कारकों का विश्लेषण करेगी जिनके कारण उनकी हार हुई है।
माकपा की केरल इकाई के सचिव एम वी गोविंदन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) को 2019 के लोकसभा चुनावों में इसी तरह की हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन बाद में उसने स्थानीय निकाय चुनाव और विधानसभा चुनाव जीत लिया था।
जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या पिनरायी विजयन सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर राज्य में वामपंथी उम्मीदवारों की बड़ी हार का कारण थी, तो उन्होंने सवाल को महत्वहीन बताते हुए कहा कि अकेले यही कारण नहीं था।
गोविंदन ने कहा, ‘‘हम उम्मीदवारों के चयन, सरकार से जुड़े मामलों आदि सहित सभी कारकों की जांच करेंगे। यदि कुछ सुधार करने की जरुरत है, तो हम निश्चित रूप से उसे सुधारेंगे। जनता ही अंतिम निर्णायक है। ’’
केरल में मंगलवार को लोकसभा चुनाव की मतगणना का अंतिम दौर चल रहा है और अधिकतर सीट पर कांग्रेस नीत गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) बढ़त हासिल करता हुआ दिख रहा है। यूडीएफ के उम्मीदवार माकपा नीत एलडीएफ और भाजपा नीत राजग के निकटतम प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ सुरक्षित मतांतर से आगे बढ़ रहे हैं।
केरल में भाजपा के चुनावी सूखे को समाप्त करते हुए पार्टी के उम्मीदवार व अभिनेता सुरेश गोपी ने एलडीएफ और यूडीएफ के अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ मध्य केरल निर्वाचन क्षेत्र में 74,686 मतों के अंतर से जीत हासिल कर ली है।
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