डब्ल्यूएचओ ने बताया कि अफ्रीका में फिलहाल एक-चौथाई से भी कम लोगों का टीकाकरण किया जा सका है।
वैश्विक स्वास्थ्य निकाय के मुताबिक, अफ्रीका में टीकों की उपलब्धता बढ़ने के बावजूद यहां वैश्विक औसत के मुकाबले टीकाकरण की दर काफी कम है। उसने कहा कि क्षेत्र की महज 24 फीसदी आबादी का प्राथमिक टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 64 प्रतिशत के करीब है।
अफ्रीका में डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. मात्शीदीसो मोइती ने कहा, “कोविड-19 महामारी का अंत करीब नजर आता है, लेकिन जब तक अफ्रीका बड़े पैमाने पर लोगों को संक्रमण के खिलाफ सुरक्षित बनाने के मामले में दुनिया के बाकी हिस्सों से पीछे रहता है, तब तक एक खतरनाक अंतर बना रहेगा, जिसका इस्तेमाल वायरस एक बार फिर कहर बरपाने के लिए कर सकता है।”
मोइती के मुताबिक, अभी तक सिर्फ तीन अफ्रीकी देश (लाइबेरिया, मॉरीशस और सेशेल्स) अपनी 70 फीसदी से अधिक आबादी का टीकाकरण कर पाए हैं। उन्होंने बताया कि रवांडा भी जल्द टीकाकरण के मामले में यह उपलब्धि हासिल कर सकता है, जबकि चार अन्य अफ्रीकी देश 50 प्रतिशत आबादी का प्राथमिक टीकाकरण कर चुके हैं।
साल 2021 में कोविड-19 टीके तैयार होने के बाद पश्चिमी देशों ने वैक्सीन का भंडारण करना शुरू कर दिया, जिससे कई अफ्रीकी देशों को समय पर खुराक नहीं मिल पाईं। कुछ अफ्रीकी देशों ने तो यहां तक कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा उपलब्ध कराई गई खुराकों के इस्तेमाल की अवधि खत्म होने के बेहद नजदीक थीं, जिस कारण उनका पूर्ण रूप से प्रयोग करना मुश्किल था।
हालांकि, मोइती ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि अफ्रीका के पास अब पर्याप्त खुराक उपलब्ध हैं, लेकिन चूंकि संक्रमण के मामलों में कमी आई है, इसलिए टीकाकरण में लोगों की दिलचस्पी घट गई है।
उन्होंने बताया कि अफ्रीका में बीते हफ्ते कोविड-19 के 4,281 नए मामले दर्ज किए गए थे, जो दिसंबर 2021 के मुकाबले महज 1.3 फीसदी हैं, जब महाद्वीप में संक्रमण का प्रकोप चरम पर था।
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