नयी दिल्ली, 19 अगस्त बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के वकील ने बुधवार को कहा कि राजपूत की मित्र रिया चक्रवर्ती और अन्य
के खिलाफ, अभिनेता को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर दर्ज प्राथमिकी सीबीआई को हस्तांतरित करने के फैसले को उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखने से उनकी न्याय की मांग को मजबूती मिली है।
वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि शीर्ष अदालत का फैसला राजपूत के परिवार और उनके प्रशंसकों की जीत है।
उन्होंने पत्रकारों ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने सभी बिंदुओं को स्वीकार किया है। सर्वोच्च अदालत ने यह भी साफ तौर पर कहा कि पटना में दर्ज प्राथमिकी सही है।’’
कुछ देर बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ आधा फासला तय हुआ। विशेषज्ञों की यह बात सुनकर थकाऊ समय बीता है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करना पटना के अधिकार क्षेत्र में नहीं था। न्याय के लिए हमारी आकांक्षा उच्चतम न्यायालय के आधिकारिक निर्णय से और मजबूत हुई है।’’
उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में सुशांत के पिता कृष्ण किशोर सिंह की शिकायत पर बिहार पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को बरकरार रखा और कहा कि सीबीआई को जांच के लिए यह मामला स्थानांतरित करना कानून सम्मत है।
न्यायालय ने यह फैसला रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुनाया जिसमें उन्होंने पटना में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को मुंबई स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था।
गौरतलब है कि सुंशात का शव 14 जून को मुंबई के उपनगर बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में कथित रूप फंदे से लटका मिला था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY