नयी दिल्ली, 29 अगस्त यहां की एक सत्र अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता संबित पात्रा की उस पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें नवंबर 2021 के मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी।
मजिस्ट्रेट अदालत ने पात्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था। मजिस्ट्रेट अदालत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जुड़ी एक वीडियो पोस्ट करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। अब वापस ले लिए गए कृषि कानूनों के समर्थन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की वीडियो में कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई थी।
हालांकि, सत्र अदालत ने पात्रा को आरोपी नामित किए बिना पुलिस को आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया। अदालत ने पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट का उल्लेख किया, जिसके अनुसार पात्रा ने फर्जी वीडियो नहीं बनाई थी और उन्होंने गैर-इरादतन इसे सोशल मीडिया में अपलोड किया था।
सहायक सत्र न्यायाधीश धीरज मोर भाजपा नेता पात्रा की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रहे थे
आम आदमी पार्टी (आप) विधायक आतिशी की याचिका को स्वीकार करते हुए मजिस्ट्रेट अदालत ने आईपी एस्टेट थाने के प्रभारी (एसएचओ) को भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के खिलाफ गहन जांच करने का निर्देश दिया गया था।
आतिशी ने पात्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था। आप नेता का दावा था कि वीडियो में ऐसे बयान थे जो कृषि कानूनों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के रुख के बिल्कुल विपरीत थे, और इससे किसानों के मन में असंतोष पैदा हुआ।
सहायक सत्र न्यायाधीश मोर ने सोमवार को पारित एक फैसले में कहा कि आदेश में कोई अवैधता या त्रुटि नहीं है। तदनुसार, इस पुनरीक्षण याचिका को इस निर्देश के साथ खारिज किया जाता है कि याचिकाकर्ता (पात्रा) के नाम को आरोपी के रूप में हटाकर आदेश का तुरंत पालन किया जाए।
प्राथमिकी में नाम नहीं शामिल किए जाने के पात्रा के अनुरोध के संबंध में अदालत ने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होना उसकी प्रतिष्ठा पर धब्बा है, जिसे पूरी तरह से बहाल नहीं किया जा सकता है, भले ही बाद में उसे जांच एजेंसी और अदालत द्वारा दोषमुक्त कर दिया जाए।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY