जरुरी जानकारी | अदालत ने अवंता समूह के प्रवर्तक गौतम थापर को एक दिन की ईडी हिरासत में भेजा

थापर को जांच एजेंसी ने मंगलवार रात को उनके संबंधित व्यवसायों के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया था।

ईडी ने ऑनलाइन हुई सुनवाई में विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल को बताया कि जांच से पता चला है कि ऑयस्टर बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड (ओबीपीएल), झाबुआ पावर लिमिटेड (जेपीएल), झाबुआ पावर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के माध्यम से अवैध तरीके से करीब 500 करोड़ रुपये की कमाई की गई थी। ये सभी कंपनिया प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से थापर के नियंत्रण में हैं।

जांच से पता चला कि इन कंपनियों द्वारा यस बैंक से 500 करोड़ से अधिक की बड़ी राशि धोखाधड़ी से प्राप्त करने के लिए फर्जी समझौते किए गए थे।

ईडी ने 14 दिन की हिरासत मांगते हुए अदालत से कहा कि यह मानने के लिए सबूत और कारण है कि थापर धनशोधन के अपराध का दोषी था। साथ ही वह इस तरह से जुटाई गई आय को बेदाग के रूप में पेश करने में शामिल था।

वही थापर की ओर से पेश अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने ईडी की रिमांड अर्जी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि थापर इस मामले में पीड़ित है और पूरा लेनदेन यस बैंक के कर्ज को जारी रखने की मंशा से हुआ था।

अदालत ने सुनवाई के बाद थापर को एक दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। उसने एजेंसी को गुरुवार को आरोपी को इस मामले की अगली सुनवाई में उसके सामने पेश करने का निर्देश भी दिया।

जतिन

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)