देश की खबरें | अदालत ने स्वतंत्रता सेनानी स्मारक की जमीन संबंधी याचिका खारिज की

मुंबई, 14 जुलाई बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें नासिक जिले के येवला में स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे के स्मारक के निर्माण को चुनौती दी गयी थी और दावा किया गया था कि वह जमीन कृषि भूमि है।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की खंडपीठ सामाजिक कार्यकर्ता आनंद शिंदे की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में येवला नगर परिषद द्वारा स्वतंत्रता सेनानी की याद में एक स्मारक के लिए स्थान बदलने के फैसले को चुनौती दी गई थी।

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याचिकाकर्ता का दावा था कि परिषद द्वारा जिस स्थान की पहचान की गयी है, वह कृषि भूमि का हिस्सा है और इसलिए स्मारक के लिए अनुकूल नहीं है।

अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि स्मारक के निर्माण के लिए बोली आमंत्रित करने की खातिर परिषद द्वारा विज्ञापन जारी किए जाने के लगभग एक साल बाद यह याचिका दायर की गयी। पीठ ने यह भी कहा कि स्मारक के लिए भूमि का चयन प्रशासनिक अधिकार के तहत था।

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अदालत ने कहा कि उस स्थल पर स्मारक के निर्माण की अनुमति दिसंबर 2017 में दी गयी थी। 2018 में महाराष्ट्र के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय ने प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और यहां तक ​​कि केंद्र सरकार ने अनुमानित लागत की 75 प्रतिशत तक धनराशि को मंजूरी दी थी।

अदालत ने कहा कि अब तक निर्माण के लिए 2.5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। इस स्तर पर हस्तक्षेप करने से निश्चित रूप से सार्वजनिक धन का अपव्यय होगा जो सार्वजनिक हित में नहीं होगा।

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