देश की खबरें | न्यायालय का राजस्थान के दो विधायकों को अग्रिम जमानत देने से इंकार
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, दो नवंबर उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हिंसक विरोध से संबंधित मामले में राज्य की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के दो विधायकों को अग्रिम जमानत देने से सोमवार को इंकार कर दिया।

मेड़ता शहर से विधायक इन्दिरा बावरी और भोपालगढ़ के विधायक पुखराज गर्ग ने राजस्थान उच्च न्यायालय के 28 सितंबर के आदेश को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने दोनों विधायकों को अग्रिम जमानत देने से इंकार करते हुये उन्हें 12 अक्टूबर तक निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था।

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न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने दोनों विधायकों को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान करते हुये कहा कि उन्हें नियमित जमानत के लिये निचली अदालत में आवेदन करना होगा।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘यह ऐसा मामला नहीं है जिसमें हस्तक्षेप की जरूरत है। हालांकि, यदि आज से एक सप्ताह के भीतर नियमित जमानत की अर्जी दायर की जाती है तो अदालत उस पर विचार करके उसी दिन उसका निस्तारण कर सकती है। याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आज से एक सप्ताह तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जायेगी।’’

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वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान दोनों विधायकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कहा कि इस मामले में अदालत ने गिरफ्तारी के वारंट जारी किये हैं। इसलिए उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस मामले में अधिकांश आरोप जमानती अपराध हैं।

पीठ ने दवे से सवाल किया कि क्या ये दोनों विधायक उकसाने वालों में थे जिसकी वजह से यह मामला दर्ज हुआ। दवे ने कहा कि अतिक्रमण विरोधी अभियान का लोग विरोध कर रहे थे।

पीठ ने अग्रिम जमानत देने से इंकार करते हुये दवे से कहा कि इस मामले में एक सप्ताह के भीतर नियमित जमानत की अर्जी दायर की जाये।

राजस्थान के नागौर जिले में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान अर्थमूविंग मशीन के चालक की मौत की घटना के बाद इस साल अगस्त में पुलिस ने दोनों विधायकों सहित कई व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उग्र भीड़ ने इस चालक पर पथराव और हमला कर दिया जिससे उसकी कथित रूप से जान चली गयी ।

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