न्यायालय का मैच फिक्सिंग के आरोपी सटोरिये की जमानत के खिलाफ याचिका पर नोटिस
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नयी दिल्ली, 13 मई उच्चतम न्यायालय ने क्रिकेट मैच फिक्सिंग के सबसे बड़े घोटालों में से एक के आरोपी संजीव चावला को जमानत देने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर बुधवार को इस सटोरिये को नोटिस जारी किया। दिल्ली पुलिस ने संजीव चावला को जमानत देने के उच्च न्यायालय के छह मई के फैसले को चुनौती दी है।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिल्ली पुलिस की अपील पर सुनवाई के बाद आरोपी संजीव चावला को नोटिस जारी किया । उच्च न्यायालय ने चावला को जमानत देने का निचली अदालत का आदेश बरकरार रखा था।

पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद अपने आदेश में कहा, ‘‘नोटिस जारी किया जाये। दो सप्ताह में जवाब दें।’’

संजीव चावला को इस साल फरवरी में लंदन से प्रत्यर्पित करके भारत लाया गया था। निचली अदालत ने 30 अप्रैल को उसे दो लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की दो जमानत राशि देने का निर्देश दिया था।

पुलिस के अनुसार चावला पांच मैचों की फिक्सिंग में संलिप्त था और इसमें दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम के तत्कालीन कप्तान हैंसी क्रोनिये भी शामिल थे। क्रोनिये की 2002 में एक विमान हादसे में मौत हो गयी थी।

पुलिस का आरोप है कि चावला ने फरवरी-मार्च 2000 में भारत में दक्षिण अफ्रीका के दौरे में मैचों की फिक्सिंग की साजिश में क्रोनिये के साथ मुख्य भूमिका निभाई थी।

संजीव चावला ने इन आरोपों से इंकार किया है।

ब्रिटेन की अदालत के दस्तावेजों के अनुसार दिल्ली में जन्मा यह कारोबारी 1996 में व्यावसायिक वीजा पर ब्रिटेन चला गया था और बीच-बीच में भारत आता रहता था।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने छह मई के अपने आदेश में कहा था कि मुकदमे की सुनवाई को देखते हुये किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को सिर्फ इस आधार पर अधर में नहीं छोड़ा जा सकता कि उसके भागने का खतरा है।

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