देश की खबरें | अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को धन शोधन के एक मामले में जमानत दी

नयी दिल्ली, 15 जून दिल्ली की एक अदालत ने जम्मू-कश्मीर में कथित आतंकवाद के वित्तपोषण से संबंधित धन शोधन मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को जमानत दे दी है।

अदालत ने कहा कि शाह इस मामले में छह साल और 10 महीने तक हिरासत में रहा, जिसमें अधिकतम सजा सात साल की है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरज मोर ने सात जून को पारित आदेश में शाह को वैधानिक जमानत देते हुए कहा कि अन्य मामले जिनमें अलगाववादी नेता हिरासत में हैं, वे बहुत गंभीर प्रकृति के हैं।

न्यायाधीश ने कहा, “हालांकि, यह उसे वैधानिक जमानत देने से इनकार करने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता, क्योंकि उसे किसी भी अपराध में दोषी नहीं ठहराया गया है।”

उन्होंने कहा, “यदि उन्हें इस मामले में जमानत भी मिल जाती है, तो भी अन्य अपराधों में उन्हें 24 जुलाई, 2024 से पहले जेल से रिहा किए जाने की संभावना नहीं है - यह वह तारीख है जिस दिन वर्तमान मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में उनके लिए अधिकतम सात वर्ष की सजा समाप्त हो रही है।”

शाह ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि वह इस मामले में धन शोधन के अपराध में निर्धारित अधिकतम सजा की आधी से अधिक अवधि पहले ही काट चुके हैं।

याचिका में दावा किया गया है कि शाह 26 जुलाई, 2017 से इस मामले में हिरासत में है और वह 25 जुलाई को विचाराधीन कैदी के रूप में अधिकतम सात साल की सजा पूरी कर लेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सह-आरोपी मोहम्मद असलम वानी को धारा 25 शस्त्र अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध को छोड़कर सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा था कि शाह के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इसके लिए कड़ी सजा की आवश्यकता है।

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