देश की खबरें | अदालत ने भाजपा नेता को ट्वीट करने से रोकने वाली याचिका खारिज की

नयी दिल्ली, सात मार्च दिल्ली उच्च न्यायालय ने शहर के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की भारतीय जनता पार्टी के नेता विजेंदर गुप्ता को मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोई भी आपत्तिजनक ट्वीट करने से रोकने के लिए दाखिल अंतरिम आवेदन सोमवार को खारिज कर दिया।

गुप्ता ने दिल्ली परिवहन निगम द्वारा 1,000 लो फ्लोर बसों की खरीद में कथित अनियमितताओं के बयान दिए थे।

न्यायमूर्ति आशा मेनन ने अंतरिम आदेश पारित किया और मुकदमे पर सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तारीख तय की।

गहलोत ने अपनी लंबित दीवानी मानहानि के मुकदमे में अंतरिम आवेदन दाखिल किया था। उन्होंने मानहानि के मुकदमे में लो फ्लोर बसों की खरीद में अनियमितताओं से संबंधित कथित तौर पर सनसनीखेज बयान देने के लिए गुप्ता से पांच करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है।

मंत्री ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर गुप्ता द्वारा दिए कथित मानहानिजनक बयान और साझा की गयी पोस्ट हटाने पर अंतरिम आदेश देने का अनुरोध किया था।

खंडपीठ ने 28 अगस्त 2021 को एकल न्यायाधीश के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था जिसमें गहलोत के खिलाफ सोशल मीडिया पर गुप्ता के कथित मानहानिजनक बयानों और पोस्ट्स को हटाने पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया गया था।

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