नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को देश में मादक पदार्थों की समस्या को रेखांकित किया और एक विधि अधिकारी तथा अदालत द्वारा नियुक्त न्याय-मित्र को इस विषय पर तर्कसंगत समाधान प्रस्तुत करने को कहा।
अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने प्रधान न्यायाधीश यू यू ललित और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ को सूचित किया कि राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) जैसे संबंधित विभाग इस मुद्दे से निपटने की प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
अदालत ने पहले एएसजी से कहा था कि ‘द मीनेस ऑफ ड्रग माफिया नेटवर्क ऑपरेटिंग इन द कंट्री’ शीर्षक से स्वत: संज्ञान से लिये गये मामले में उसकी सहायता करें।
शीर्ष अदालत को नौ नवंबर, 2021 को प्रेषित पत्र में अफगानिस्तान से भारत में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी को रेखांकित किया गया था। इसमें अदालत से अनुरोध किया गया था कि देश में अंतरराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अन्वेषण के लिए विशेष जांच दल के गठन का निर्देश दिया जाए।
तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण ने पिछले साल नवंबर में निर्देश दिया था कि पत्र को स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले के रूप में दर्ज किया जाए।
शीर्ष अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान भाटी से कहा कि वह और मामले में न्याय-मित्र नियुक्त किये गये अधिवक्ता शोएब आलम साथ में बैठकर अदालत को इस बारे में कुछ विचार सुझा सकते हैं।
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