देश की खबरें | न्यायालय आंगनवाडी केन्द्रों को पुन: चालू करने की याचिका पर सुनवाई के लिये सहमत
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 सितंबर उच्चतम न्यायालय कोविड-19 महामारी की वजह से देश में बंद किये गये सभी आंगनवाडी केन्द्रों को फिर से चालू करने के लिये दायर याचिका पर विचार के लिये सोमवार को सहमत हो गया।

शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र की दीपिका जगतराम साहनी की याचिका पर सुनवाई करते हुये केन्द्र,सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किये और उनसे चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

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इस याचिका में दावा किया गया है कि देश भर में आंगनवाडी केन्द्रों के अचानक बंद हो जाने की वजह से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा बच्चों के सामने संकट पैदा हो गया है।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी करने के साथ ही याचिकाकर्ता के वकील को याचिका की प्रति सालिसीटर जनरल के कार्यालय में देने की अनुमति प्रदान की।

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इस याचिका में दीपिका जगतराम साहनी ने पीठ से अनुरोध किया है कि केन्द्र और सभी राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों को महामारी के बाद बच्चों में मुख्य रूप से कुपोषण और लडकियों में खून की कमी के प्रभाव के आलोक में उनके विकास की निगरानी करायी जाये और इस मामले में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिये जायें।

याचिका में कहा गया है कि केन्द्र, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को तत्काल सभी आंगनवाडी केन्द्रों को पुन: खोलने और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 के प्रावधानों के अनुरूप आंगनवाडी सेवायें उपलब्ध कराने के निर्देश दिये जायें।

याचिका में कहा गया है कि दशकों से चल रहे इन आंगनबाड़ी केन्द्रों को कोविड-19 महामारी की वजह से बंद कर दिया गया था। याचिका में दावा किया गया है कि इसका नतीजा यह हुआ कि भारतीय आबादी का यह वर्ग बुरी तरह से कुपोषण का शिकार हो गया।

अनूप

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