नयी दिल्ली, तीन मई पेरिस खेलों में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तनीषा क्रास्टो का मानना है कि उनके और उनकी महिला युगल जोड़ीदार अश्विनी पोनप्पा के पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की बराबरी करने माद्दा है लेकिन इसके लिए उन्हें निरंतरता और धैर्य पर थोड़ा और काम करने की जरूरत है।
बीस साल तनीषा और 34 वर्षीय अश्विनी ने क्वालिफिकेशन चक्र के अंत में 13वें स्थान पर रहकर ओलंपिक के लिए जगह बनाई।
तनीषा ने ‘पीटीआई’ को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि एक चीज जिस पर हम काम कर सकते हैं, वह है कोर्ट पर अधिक निरंतरता और अधिक धैर्य रखना क्योंकि मौजूदा दौर में मैच अधिक समय तक चलते हैं और वे जिस तरह से खेलते हैं उसमें भी काफी निरंतरता होती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ अगर हम उसी पहलू पर काम करते हैं, तो इससे हमें इन खिलाड़ियों से निपटने में मदद मिल सकती है। मुझे लगता है कि हम पहले से ही उस स्तर पर हैं और मुझे लगता है कि हम प्रतिस्पर्धा करने और यहां तक कि टूर्नामेंट जीतने में भी काफी सक्षम हैं।’’
विश्व रैंकिंग में 21वें स्थान पर काबिज इस भारतीय जोड़ी के सामने पेरिस में मात्सुयामा एवं चिहारू शिदा (जापान), चेन किंग चेन एवं जिया यी फैन (चीन) और बाक हा ना एवं ली सो ही (दक्षिण कोरिया) जैसी दिग्गज जोड़ियों की चुनौती होगी।
तनीषा ने कहा कि उनकी साथी और दो बार की ओलंपियन अश्विनी के अनुभव से फायदा मिलेगा।
तनीषा ने कहा, ‘‘वह भारतीय महिला बैडमिंटन की दिग्गज खिलाड़ियों में से एक हैं, उनके पास बहुत अच्छे स्तर का अनुभव है। इससे वास्तव में हमें कोर्ट पर मदद मिलती है क्योंकि वह बहुत समझदार हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ अगर चीजें काम नहीं कर रही हों तो उनमें तुरंत योजनाएं बदलने की क्षमता है और वह कोर्ट पर बहुत प्रेरणादायक हैं। उनकी मौजूदगी में मैंने कभी तनाव महसूस नहीं किया है।’’
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