देश की खबरें | कांग्रेस ने सोना तस्करी मामले में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया

तिरुवनंतपुरम, नौ जुलाई कांग्रेस ने सोना तस्करी के मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर हमला जारी रखते हुए उनके इस्तीफे की मांग करते हुए राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के खिलाफ कई आरोप लगाए।

दूसरी तरफ भाजपा के प्रवक्ता बी गोपालकृष्णन ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि वह कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल हैं जिन्होंने इस मामले में फरार चल रही महिला के लिए विदेश में वाणिज्य दूतावास में नौकरी की सिफारिश की थी।

यह भी पढ़े | Vande Bharat Mission: वंदे भारत मिशन से हुई 5 लाख 80 हजार भारतीयों की वतन वापसी.

वेणुगोपाल ने आरोपों को खारिज किया है।

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथाला ने यहां मलयानकेझूनियर में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करते हुए कहा,‘‘ ऐसा मुख्यमंत्री जो अपने उस पूर्व प्रमुख सचिव की प्रशंसा करता है और उसकी सुरक्षा करता है, जो अंतर्राष्ट्रीय तस्करी एजेंसियों की मदद करता रहा है, को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। हम मांग करते हैं कि वह और उनकी सरकार इस्तीफा दे।’’

यह भी पढ़े | दिल्ली हिंसा मामला: आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैने की जमानत याचिका पर 13 जुलाई को कोर्ट सुनाएगा फैसला: 9 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने आरोप लगाया की सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में सौ से ज्यादा अवैध नियुक्तियां की गई हैं।

चेन्नीथाला ने कहा,‘‘ अमेरिका की नागरिकता वाली एक महिला स्टार्ट अप मिशन के साथ काम कर रही है। उसका नाम वहां मतदाता सूची मे हैं। पूर्व प्रधान सचिव ने पिछले दरवाजे से जितनी भी नियुक्तियां की हैं मुख्यमंत्री उनके बारे में जानते हैं। सरकार को सारी बातें बतानी चाहिए।’’

भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख के़ सुरेन्द्रन ने दावा किया कि विजयन राज्य की जनता को मूर्ख बना रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया ,‘‘ मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर राज्य के लोगों को मूर्ख बना रहे हैं। मामले में शामिल महिला खाड़ी क्षेत्र में माकपा की एक मध्यस्थ है।’’

हालांकि उन्होंने फरार आरोपी के भाजपा के साथ कथित संबंध पर कुछ भी कहने से इनकार किया।

गौरतलब है कि हाल ही में केरल के एक हवाईअड्डे से ‘‘राजनयिक सामान’’ में से 30 किलोग्राम से अधिक सोना जब्त किया था।

सीमा शुल्क के अधिकारियों ने कहा था कि यह राजनयिक छूट का गलत इस्तेमाल कर किसी गिरोह द्वारा तस्करी की कोशिश का संदिग्ध मामला है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)