देश की खबरें | कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव : प्रचार के लिए शशि थरूर पटना पहुंचे

पटना, 14 अक्टूबर कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने शुक्रवार को इन दावों को खारिज कर दिया कि उनके प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खरगे को नेहरू-गांधी परिवार ने समर्थन दिया था।

थरूर कांग्रेस ‘डेलीगेट’ (निर्वाचक मंडल के सदस्य) का समर्थन जुटाने के लिए यहां पहुंचे हैं।

बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए थरूर ने हालांकि स्वीकार किया कि नेहरू-गांधी परिवार को दूर रखना कांग्रेस पार्टी के किसी भी अध्यक्ष की ओर से एक नासमझी भरा कदम होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुद भी ऐसा नहीं करना चाहूंगा।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘चुनाव लड़ने का फैसला करने के बाद मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा से अलग-अलग मिला। उन सभी ने जोर देकर कहा कि पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव निष्पक्ष रूप से होगा और उनमें से किसी ने भी वरीयता का संकेत नहीं दिया।’’

थरूर ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि नेहरू-गांधी परिवार पार्टी पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता था और बताया कि राहुल गांधी 2017 में पांच साल के लिए पार्टी अध्यक्ष बने थे और वह जब चाहें अपना इस्तीफा वापस ले सकते थे।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विपक्षी खेमे का नेतृत्व करने के लिए एक विकल्प के रूप में देखे जाने से जुड़े सवाल को थरूर ने टाल दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मुझे यकीन है कि देश का भविष्य दांव पर है और हमें 2024 में भाजपा के खिलाफ अच्छी तरह से लड़ना चाहिए। मैं इसीलिए चुनावी मैदान में उतरा हूं।’’

एक वरिष्ठ सहयोगी के रूप में खरगे के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए उनसे अपने मुकाबले के संबंध में थरूर ने कहा, ‘‘हम सब मिलकर पार्टी की बेहतरी के लिए काम करना चाहते हैं। मुझे लगता है कि पार्टी को कुछ बदलाव की जरूरत है और मैं उस दिशा में काम करना जारी रखूंगा, चाहे परिणाम कुछ भी हो।’’

उन्होंने कहा कि एक बात पक्की है कि पार्टी अध्यक्ष का चुनाव इस बात का उदाहरण होगा कि किसी पार्टी के भीतर वास्तविक लोकतंत्र कैसा होता है।

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