अहमदाबाद, 19 सितंबर गुजरात उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता के हिरासत में यातना दिए जाने के आरोपों के संबंध में दी गई शिकायतों की स्थिति को लेकर राजकोट के पुलिस आयुक्त से रिपोर्ट तलब की है।
कांग्रेस नेता का आरोप है कि उन्हें उस समय रास्ते से गिरफ्तार किया गया, जब वह पीएम केयर्स कोष में योगदान के लिए कृषि उपज जमा करने जिलाधिकारी कार्यालय जा रहे थे।
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न्यायमूर्ति सोनिया गोकानी और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की खंडपीठ दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दायर अदालत की अवमानना वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जिसे गुजरात के कांग्रेस किसान मोर्चा के अध्यक्ष पलभाई अंबालिया ने दाखिल किया था।
पीठ ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अंबालिया की शिकायतों पर की गई कार्रवाई के निष्कर्षों को लेकर लिखित में विवरण देने के निर्देश दिए।
अंबालिया ने 20 मई को पुलिस हिरासत के दौरान उन्हें यातना देने का आरोप लगाया था।
पीठ ने 17 सिंतबर को दिए अपने आदेश में सहायक पुलिस आयुक्त जयदीपसिंह सरवैया और पुलिस निरीक्षक हितेश गढ़वी के खिलाफ अदालत की अवमानना संबंधी कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्णय से पहले पुलिस उपायुक्त को 22 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता के वकील आनंद याज्ञनिक की ओर से यातना दिए जाने के संबंध में पेश किए गए तर्क और साक्ष्यों के बाद अदालत का यह आदेश आया है।
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