नयी दिल्ली, दो जुलाई कांग्रेस पर अराजकता फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि मुख्य विपक्षी दल को अब से परजीवी पार्टी के रूप में जाना जाएगा जो अपने सहयोगी दलों की कीमत पर फलती फूलती है।
कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी 2024 से परजीवी कांग्रेस पार्टी के रूप में जानी जाएगी। परजीवी वो होता है जो जिस शरीर के साथ रहता है, उसी को खाता है। कांग्रेस भी जिस पार्टी के साथ गठबंधन करती है, उसी के वोट खा जाती है। अपनी सहयोगी पार्टी की कीमत पर फलती फूलती है। इसलिए कांग्रेस परजीवी कांग्रेस बन चुकी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं जब परजीवी कह रहा हूं तो तथ्यों के आधार पर कह रहा हूं। जहां-जहां भाजपा और कांग्रेस का सीधा मुकाबला था या कांग्रेस बड़ी पार्टी थी, वहां कांग्रेस का ‘स्ट्राइक रेट’ सिर्फ 26 प्रतिशत है। लेकिन जहां ये किसी का पल्लू पकड़कर चलते थे, जहां जूनियर सहयोगी थे, जहां किसी अन्य दल ने उन्हें कुछ मौका दे दिया, ऐसे राज्यों में कांग्रेस का ‘स्ट्राइक रेट’ 50 प्रतिशत है।’’
उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन में कांग्रेस के सहयोगी दलों का जिक्र करते हुए कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस को मिलीं 99 सीट में से ज्यादातार सीट उनके सहयोगियों ने उन्हें जिताई हैं इसलिए यह परजीवी कांग्रेस है।
मोदी ने कहा कि 16 राज्यों में जहां कांग्रेस अकेले लड़ी, वहां उसका वोट प्रतिशत इस चुनाव में गिर गया।
उन्होंने द्रमुक, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस आदि दलों का नाम लिए बिना कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि कांग्रेस के साथी दलों ने इस चुनाव के परिणाम का विश्लेषण किया या नहीं। इन साथियों के लिए भी चुनाव में संदेश है। गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में जहां कांग्रेस अपने दम पर लड़ी, वहां 64 में से 2 ही सीट जीत पाई। इसका साफ मतलब है कि इस चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह परजीवी बन चुकी है और अपने सहयोगी दलों के कंधे पर चढ़कर उन्होंने सीटों का आंकड़ा बढ़ाया है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के जो वोट खाए हैं, वो ना खाए होते तो लोकसभा में उनके लिए इतनी सीट भी जीत पाना बहुत मुश्किल था।’’
सदन में राष्ट्रपति अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस के लोगों को कहूंगा कि जनादेश को फर्जी जीत के जश्न में मत गंवाओ, ईमानदारी से देशवासियों के जनादेश को जरा समझने की कोशिश करो, उसे स्वीकार करो। देश ने विकास के रास्ते को चुना है, विकसित भारत के सपने को साकार करने का मन बना लिया है।’’
उन्होंने मुख्य विपक्षी दल को घेरते हुए कहा कि पार्टी के नेता दक्षिण भारत में उत्तर के खिलाफ बोलते हैं तो उत्तर में जाकर पश्चिम के खिलाफ जहर उगलते हैं, ये महापुरुषों के खिलाफ बोलते हैं और इन्होंने के आधार पर बांटने की हर कोशिश की है।
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