देश की खबरें | कांग्रेस ने रायरंगपुर हवाई पट्टी के कारण विस्थापित आदिवासी परिवारों के पुनर्वास की मांग की

भुवनेश्वर, चार जून कांग्रेस ने बुधवार को ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में हवाई पट्टी के विकास के लिए कथित रूप से बेदखल किए गए 43 आदिवासी परिवारों के लिए पर्याप्त मुआवजा और पुनर्वास सहायता की मांग की।

यहां एक पत्रकार वार्ता में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता राम चंद्र कदम ने आरोप लगाया कि हवाई पट्टी के विकास का काम ग्राम सभा की कोई बैठक बुलाए बगैर या आदिवासी परिवारों की सहमति के बिना किया गया जो दशकों से वहां रह रहे थे।

उन्होंने दावा करते हुए कहा, ‘‘रायरंगपुर हवाई पट्टी के निर्माण के लिए 43 आदिवासी परिवारों को बेदखल किया गया है। सरकार ने विस्थापित परिवारों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, लेकिन प्रभावित आदिवासी परिवारों को उनके विस्थापन से पहले पर्याप्त मुआवजा देने समेत उनका उचित पुनर्वास किया जाना चाहिए था।

कदम ने कहा, ‘‘अगर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गृह जिले और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के ससुराल पक्ष के गृह जिले में आदिवासियों को इस तरह की प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है, तो कोई कल्पना कर सकता है कि ओडिशा के अन्य स्थानों पर मूल जातीय लोगों के साथ क्या होता होगा।’’

उन्होंने मांग की कि सरकार ‘बेदखल’ आदिवासी परिवारों का तुरंत पुनर्वास करे और उनके घरों को हुए नुकसान के लिए उन्हें 40 लाख रुपये का मुआवजा दे।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार मांगें पूरी नहीं करती है तो कांग्रेस आदिवासी परिवारों की लड़ाई विधानसभा के अंदर और इसके बाहर लड़ेगी।

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