दुबई में फंसे झारखंड के 14 मजदूरों की हालत खराब, सैलरी नहीं मिलने से भूख से परेशान; वतन वापसी के लिए VIDEO भेज सरकार से लगाईं मदद की गुहार
रोजगार के लिए दुबई गए झारखंड के 14 मजदूर वहां पिछले कई दिनों से फंसे हुए हैं. वेतन न मिलने और खाने-पीने की किल्लत के कारण मजदूरों ने सोशल मीडिया के जरिए झारखंड सरकार से मदद और वतन वापसी की गुहार लगाई है.
Jharkhand labours Stranded in Dubai: बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दुबई गए झारखंड के 14 मजदूरों के संकट में फंसने की खबर सामने आई है. इन मजदूरों ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि उन्हें पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिला है और वर्तमान में उनके पास खाने-पीने तक के पैसे नहीं बचे हैं. मजदूरों ने झारखंड सरकार और केंद्र सरकार से उन्हें जल्द से जल्द रेस्क्यू करने की अपील की है.
बिना वेतन और भोजन के रहने को मजबूर
फंसे हुए मजदूरों का आरोप है कि जिस कंपनी में वे काम कर रहे थे, उसने पिछले तीन से चार महीनों से उनका वेतन रोक रखा है. मजदूरों ने वीडियो में दर्द साझा करते हुए कहा, "हम पिछले दो दिनों से भूखे हैं. हमारे पास न खाना है और न ही वापस आने के लिए टिकट के पैसे. कंपनी के अधिकारी हमारी बात नहीं सुन रहे हैं." ये मजदूर झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
दुबई में फंसी मजदूर
एजेंटों पर धोखाधड़ी का आरोप
प्रवासी मजदूरों के हक में आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि अक्सर स्थानीय एजेंट ऊंचे वेतन का लालच देकर इन गरीब मजदूरों को विदेश भेज देते हैं. वहां पहुंचने पर मजदूरों का पासपोर्ट जब्त कर लिया जाता है और उन्हें समझौते से कम वेतन या बिना वेतन के काम करने पर मजबूर किया जाता है. इस मामले में भी एजेंट की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है.
झारखंड सरकार की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और श्रम विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है. राज्य सरकार ने विदेश मंत्रालय और दुबई स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को इन मजदूरों के परिजनों से संपर्क करने और उनके दस्तावेजों की जांच करने का निर्देश दिया गया है.
पूर्व की घटनाएं और बचाव कार्य
यह पहली बार नहीं है जब झारखंड के मजदूर खाड़ी देशों में फंसे हैं. इससे पहले भी हजारीबाग और गिरिडीह के दर्जनों मजदूरों को सरकार के हस्तक्षेप के बाद ओमान और सऊदी अरब से सुरक्षित वापस लाया गया था. झारखंड सरकार ने प्रवासियों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, ताकि संकट की स्थिति में वे तुरंत संपर्क कर सकें.
फंसे मजदूरों के नाम
गिरिडीह सरिया के चिचाकी से रोशन कुमार, अजय कुमार, बगोदर के तिरला से राजेश महतो और डुमरडेली से अजय कुमार. बोकारो पेंक नारायणपुर के कंजकीरो से डालेश्वर महतो, हजारीबाग बिष्णुगढ़ के खेदाडीह से जागेश्वर महतो, फालेन्द्र महतो, सिरैय के बैजनाथ महतो, पारजोरिया से दिलीप महतो, गंगाधर महतो, त्रिलोकी महतो, चकचुको बसरिया से दीपक कुमार, गोरहर से रोहित महतो और सेवा महतो का नाम शामिल हैं
आगे का कदम
वर्तमान में भारतीय दूतावास इन मजदूरों के संपर्क में है और उनकी कंपनी से बकाया वेतन दिलाने तथा उनके भोजन की व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2026 03:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

