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Mumbai: लीकेज पानी को रोकने के लिए BMC का बड़ा कदम, जुलाई से कासेली–मुलुंड को जोड़ने वाली अंडरग्राउंड वॉटर टनल की शुरू करेगी खुदाई

मुंबई की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बीएमसी जुलाई 2026 से काशेली और मुलुंड के बीच 7.1 किलोमीटर लंबी भूमिगत जल सुरंग की खुदाई शुरू करेगी. यह महत्वाकांक्षी परियोजना पानी के रिसाव को रोकने और वितरण प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए तैयार की गई है.

Mumbai: लीकेज पानी को रोकने के लिए BMC का बड़ा कदम, जुलाई से कासेली–मुलुंड को जोड़ने वाली अंडरग्राउंड वॉटर टनल की शुरू करेगी खुदाई
(Photo Credits BMC)

Kasheli-Mulund Underground Water Tunnel: मुंबई की बढ़ती पानी की जरूरतों को पूरा करने और वितरण प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) एक बड़ी परियोजना पर काम कर रहा है. बीएमसी इस साल जुलाई में ठाणे जिले के काशेली (भिवंडी) से मुंबई के पूर्वी उपनगर मुलुंड के बीच 7.1 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी भूमिगत जल सुरंग की खुदाई शुरू करने जा रही है.

कमिश्नर ने किया मुलुंड साइट का दौरा

रविवार को बीएमसी कमिश्नर और प्रशासक भूषण गगरानी ने मुलुंड चेक नाका स्थित परियोजना स्थल का दौरा कर प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने बताया कि मुलुंड चेक नाका पर 134 मीटर गहरा 'लॉन्चिंग शाफ्ट' बनाया जा रहा है, जिसमें से 130 मीटर तक खुदाई का काम पूरा हो चुका है. सुरंग की खुदाई (माइनिंग) पूरी होने के बाद, टनल बोरिंग मशीन (TBM) को बाहर निकालने के लिए काशेली में 128 मीटर गहरा 'रिकवरी शाफ्ट' बनाया जाएगा. यह भी पढ़े:  Mumbai Water Cut: मुंबईकर ध्यान दें! 20 जनवरी से इन 5 वार्डों में 3 दिनों तक बाधित रहेगी पानी की आपूर्ति; BMC ने जारी किया अलर्ट

भारत में अपनी तरह का अनोखा प्रोजेक्ट

जल आपूर्ति के लिए समर्पित सुरंग बनाने वाला बीएमसी भारत का एकमात्र स्थानीय निकाय है. कमिश्नर गगरानी ने कहा कि शहरी जल वितरण के लिए भूमिगत सुरंगें एक प्रभावी विकल्प हैं. सतह पर मौजूद पाइपलाइनों के बजाय सुरंगों के माध्यम से पानी के परिवहन से रिसाव (Leakage) और पानी की चोरी पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है.

पुरानी पाइपलाइनों का विकल्प बनेगी सुरंग

वर्तमान में मुंबई को भातसा जलाशय से पानी की आपूर्ति मुंबई-II और मुंबई-III मुख्य पाइपलाइनों के माध्यम से की जाती है. हालांकि, ठाणे में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण ये पाइपलाइनें सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास परियोजनाओं में बाधा बन रही थीं. इसे ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने काशेली-मुलुंड कॉरिडोर के साथ भूमिगत सुरंग बनाने का निर्णय लिया.

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

  • कुल लंबाई: 7.1 किलोमीटर.

  • उद्देश्य: भातसा बांध से मुंबई के विभिन्न हिस्सों तक स्वच्छ जल पहुंचाना.

  • समय सीमा: यह परियोजना सितंबर 2024 में शुरू हुई थी और इसे अक्टूबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य है.

  • लाभ: सतह की पाइपलाइनों को बैकअप के रूप में रखा जाएगा, जबकि मुख्य आपूर्ति सुरंग के जरिए होगी, जिससे पानी दूषित होने का खतरा कम होगा.

इस परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई की जल वितरण प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणालियों में से एक बन जाएगी. न्यूयॉर्क के बाद मुंबई दुनिया का दूसरा ऐसा शहर है जिसके पास लगभग 100 किलोमीटर लंबा जल सुरंग नेटवर्क है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2026 12:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).