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- शी जिनपिंग ने भारत और चीन को बताया "अच्छे दोस्त और पड़ोसी"
- सोने की कीमतें पहली बार 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार
- जर्मनी: आर्कटिक तनाव और ग्रीनलैंड मुद्दे के साये में होगी 'नॉर्थ सी समिट'
- यूरोपीय गाड़ियों पर टैरिफ घटाकर 40 फीसदी कर सकता है भारत
- ट्रंप ने दी गणतंत्र दिवस की बधाई, बोले- अमेरिका और भारत का बंधन ऐतिहासिक
- 'सफल भारत दुनिया को स्थिर बनाता है': उर्सुला फॉन डेय लाएन
- ईयू में रूसी गैस की 'नो एंट्री': 2027 तक बंद होगा आयात
- बिना रस्सी के 508 मीटर ऊंची इमारत पर चढ़े अमेरिकी क्लाइंबर
बिना रस्सी के 508 मीटर ऊंची इमारत पर चढ़े अमेरिकी क्लाइंबर
अमेरिका के एलेक्स होनोल्ड रविवार, 25 जनवरी को ताइवान की मशहूर इमारत 'ताइपे 101' पर चढ़ते हुए उसके शिखर पर पहुंच गए. खास बात यह रही कि इस दौरान उन्होंने रस्सियों या किसी भी सुरक्षा उपकरण का सहारा नहीं लिया. यानी ना उनकी कमर में कोई रस्सी बंधी थी और ना नीचे कोई जाल था, जो गिरने की स्थिति में उन्हें बचा सके. यानी 508 मीटर ऊंची इस इमारत की चढ़ाई के सफर में वे बिल्कुल ही अकेले थे.
इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल तक पहुंचने में उन्हें करीब 91 मिनट का समय लगा. इस कारनामे को अंजाम देने से पहले उन्होंने ताइपे 101 और शहर प्रशासन से अनुमति ली थी. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस चढ़ाई का आयोजन और प्रसारण नेटफ्लिक्स ने किया था. एलेक्स होनोल्ड ने अपनी इस चढ़ाई के बारे में रिपोर्टरों से कहा, "ताइपे को देखना का कितना सुंदर तरीका है."
ताइपे 101 ताइवान की सबसे ऊंची इमारत है और इस वजह से एक पर्यटक स्थल भी बन चुकी है. साल 2004 से 2010 तक यह दुनिया की सबसे ऊंची इमारत थी लेकिन बाद में दुबई की बुर्ज खलीफा ने इससे यह ताज छीन लिया. होनोल्ड से पहले एक फ्रेंच क्लाइंबर भी ताइपे 101 पर चढ़ चुके हैं लेकिन उन्होंने यह काम चार घंटे में किया था और उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से एक रस्सी भी बांधी हुई थी.
ईयू में रूसी गैस की 'नो एंट्री': 2027 तक बंद होगा आयात
ब्रसेल्स में सोमवार को यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 2027 के अंत तकरूसी गैस के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है. यूक्रेन पर रूस के पूर्ण आक्रमण के लगभग चार साल बाद, ईयू ने अपने पूर्व प्रमुख आपूर्तिकर्ता से संबंध तोड़ने के इस संकल्प को अब कानूनी रूप से बाध्यकारी बना दिया है.
इस कानून को सोमवार, 26 जनवरी को हुई बैठक में मंजूरी दी गई, हालांकि, स्लोवाकिया और हंगरी ने इसके खिलाफ वोट किया, जबकि बुल्गारिया ने वोटिंग से दूरी बनाए रखी. हंगरी ने चेतावनी दी है कि वह इस कानून को 'यूरोपियन कोर्ट ऑफ जस्टिस' में चुनौती देगा.
यह प्रतिबंध एक प्रबल बहुमत के माध्यम से पारित किया गया, जिससे हंगरी और स्लोवाकिया के वीटो या विरोध को दरकिनार करना संभव हो सका. ये दोनों देश अभी भी रूसी ऊर्जा पर काफी हद तक निर्भर हैं और मास्को के साथ करीबी रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं.
प्रतिबंध की समय सीमा :
2026 के अंत तक रूसी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का आयात पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.
30 सितंबर, 2027 तक पाइपलाइन के जरिए आने वाली गैस का आयात रोक दिया जाएगा.
यदि कोई देश सर्दियों से पहले गैर-रूसी गैस से अपने भंडार भरने में संघर्ष कर रहा है, तो इस समय सीमा को अधिकतम 1 नवंबर, 2027 तक बढ़ाया जा सकता है
आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से पहले रूस ईयू की 40 फीसदी से अधिक गैस की आपूर्ति करता था, जो 2025 में घटकर लगभग 13 फीसदी रह गई है. इसके बावजूद, विरोधाभास यह है कि कुछ ईयू देश अभी भी तेल और गैस के लिए मास्को को भारी भुगतान कर रहे हैं, जो परोक्ष रूप से रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को मदद कर रहा है.
'सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर' के अनुसार, पिछले महीने ही पांच सबसे बड़े ईयू आयातकों ने रूसी ऊर्जा पर 1.4 अरब यूरो खर्च किए. इसमें हंगरी सबसे बड़ा खरीदार था, जिसके बाद फ्रांस और बेल्जियम का स्थान रहा.
'सफल भारत दुनिया को स्थिर बनाता है': उर्सुला फॉन डेय लाएन
यूरोपीय आयोग (ईयू) की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन ने सोमवार, 26 जनवरी को भारत के प्रति एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि एक सफल भारत दुनिया को और अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है. यह बयान नई दिल्ली और यूरोपीय संघ के बीच होने वाले ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते से ठीक पहले आया है, जिसे "मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स" कहा जा रहा है.
उर्सुला फॉन डेय लाएन भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं और उन्होंने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया. उनके साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष अंटोनियो कोस्टा भी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे. उन्होंने इसे "जीवन भर का सम्मान" बताया.
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है. मंगलवार, 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली शिखर वार्ता में इस डील की घोषणा होने की संभावना है. फॉन डेय लाएन ने कहा कि यह समझौता दो अरब लोगों का एक साझा बाजार तैयार करेगा, जो वैश्विक जीडीपी के लगभग एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है.
यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों के बीच 135 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था. इस मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत सबसे पहले 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन 2013 में इसे रोक दिया गया था. इसके बाद 2022 में बातचीत फिर से शुरू हुई और अब यह अपने अंजाम तक पहुंचने वाली है.
ट्रंप ने दी गणतंत्र दिवस की बधाई, बोले- अमेरिका और भारत का बंधन ऐतिहासिक
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार, 26 जनवरी को भारत को 77वें गणतंत्र दिवस की बधाई दी. भारत में अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में उनका संदेश साझा किया. इसमें लिखा था, "दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत एक ऐतिहासिक बंधन साझा करते हैं."
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड को भारत के संविधान और लोकतांत्रिक भावना का उत्सव बताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, "भारतीय आसमान में अमेरिका में बने लड़ाकू विमान को उड़ान भरता देखकर रोमांचित महसूस किया, यह अमेरिका-भारत की रणनीतिक साझेदारी की ताकत का एक सशक्त प्रतीक है."
इस बार गणतंत्र दिवस परेड में भारत ने यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला फॉन डेय लाएन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष अंटोनियो कोस्टा को बतौर अतिथि आमंत्रित किया था. यह आमंत्रण इसलिए भी अहम है क्योंकि मंगलवार, 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ, मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा कर सकते हैं. वहीं, भारत और अमेरिका के समझौते के लिए चल रही बातचीत अभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है.
यूरोपीय गाड़ियों पर टैरिफ घटाकर 40 फीसदी कर सकता है भारत
यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ होने वाले मुक्त व्यापार समझौते के तहत भारत, यूरोपीय गाड़ियों के आयात पर लगने वाले टैरिफ को 110 फीसदी से घटाकर 40 फीसदी कर सकता है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह छूट 15 हजार यूरो से अधिक कीमत वाली गाड़ियों के आयात पर दी जाएगी.
एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हर साल दो लाख कंबश्चन इंजन वाली गाड़ियों के आयात पर यह छूट मिलेगी. घरेलू कंपनियों जैसे टाटा और महिंद्रा के निवेश की सुरक्षा के लिए पांच साल तक ईवी के लिए यह छूट नहीं दी जाएगी. सूत्र ने बताया कि इन शर्तों में आखिरी समय में बदलाव होना संभव है.
रॉयटर्स के मुताबिक, यूरोपीय गाड़ियों पर लगने वाले टैरिफ में समय के साथ 10 फीसदी की अतिरिक्त छूट और दी जाएगी. इससे फोल्क्सवागन, रेनो, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी कंपनियों को भारत में विस्तार करने में मदद मिलेगी. भारत के वाणिज्य मंत्रालय और यूरोपीय आयोग ने इसे लेकर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
मंगलवार, 27 जनवरी को भारत-ईयू व्यापार समझौते की घोषणा होने की उम्मीद जताई जा रही है. इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और भारत के कपड़ों, जूलरी और केमिकलों को यूरोपीय संघ में अधिक पहुंच मिलेगी. यूरोपीय आयोग की बेवसाइट के मुताबिक, 2023 में ईयू भारतीय उत्पादों का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार बना था.
मैक्सिको में फुटबॉल मैदान पर फायरिंग, 11 की मौत
मैक्सिको के सालामान्का शहर में रविवार, 25 जनवरी को एक फुटबॉल मैच के खत्म होने के बाद बंदूकधारियों ने मैदान पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए. मेयर सीजर प्रिएतो ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में बताया कि हमलावर मैच खत्म होने के वक्त वहां पहुंचे थे.
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इस हमले में 10 लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि एक व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ा. घायलों में एक महिला और एक नाबालिग भी शामिल हैं. मेयर प्रिएतो ने इसे शहर में चल रही अपराध की लहर का हिस्सा बताया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाउम से मदद की अपील की है. उन्होंने कहा कि अपराधी गिरोह अधिकारियों को अपने अधीन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे इसमें सफल नहीं होंगे.
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यह घटना गुआनाजुआतो राज्य में हुई है, जो पिछले साल मैक्सिको में सबसे अधिक हत्याओं वाला राज्य रहा है. यहां स्थानीय गिरोह 'सांता रोजा डे लीमा' और शक्तिशाली 'जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' के बीच वर्चस्व की खूनी लड़ाई चल रही है. हालांकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025 में मैक्सिको की हत्या दर 2016 के बाद सबसे निचले स्तर (17.5 प्रति 1 लाख निवासी) पर थी, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि ये आंकड़े देश में हिंसा की पूरी तस्वीर बयां नहीं करते.
जर्मनी: आर्कटिक तनाव और ग्रीनलैंड मुद्दे के साये में होगी 'नॉर्थ सी समिट'
जर्मनी के हैम्बुर्ग में सोमवार, 26 जनवरी को यूरोपीय नेता नॉर्थ सी ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा के लिए जुट रहे हैं. इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन की मेजबानी जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स कर रहे हैं. हालांकि, इस बैठक पर आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की हालिया बयानबाजी और क्षेत्र में बढ़े तनाव का साया मंडरा रहा है.
बैठक के मुख्य बिंदु:
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कुछ ही दिन पहले डॉनल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को बलपूर्वक कब्जाने और यूरोपीय नाटो सहयोगियों पर टैरिफ लगाने की धमकी वापस ली थी. उन्होंने नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ एक "ढांचागत समझौते" तक पहुंचने का दावा किया है, लेकिन इसका खुलासा न होने के कारण यूरोपीय नेताओं में राहत के साथ-साथ भ्रम की स्थिति भी बनी हुई है.
चांसलर मैर्त्स का रुख: चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने हाल ही में हुई यूरोपीय परिषद की बैठक के बाद जोर देकर कहा था कि हमें नाटो के यूरोपीय क्षेत्र के सभी हिस्सों पर, विशेषकर उत्तरी हिस्से पर अधिक ध्यान देना होगा.
कौन-कौन हो रहा शामिल: इस समिट में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन , नाटो और यूरोपीय आयोग के प्रतिनिधि और आइसलैंड के नेता शामिल होंगे. इसके अलावा नॉर्वे, नीदरलैंड, आयरलैंड, बेल्जियम और लक्जमबर्ग के नेता भी मौजूद रहेंगे, जबकि ब्रिटेन और फ्रांस अपने मंत्रियों को भेज रहे हैं.
मैर्त्स के प्रवक्ता स्टीफन मेयर ने पुष्टि की है कि बैठक में शामिल देशों को देखते हुए "हाई नॉर्थ" की सुरक्षा चर्चा का एक प्रमुख विषय होगी. पारंपरिक रूप से इस क्षेत्र को रूस से खतरा महसूस होता रहा है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने अमेरिका की भूमिका को भी चिंता का विषय बना दिया है.
सोने की कीमतें पहली बार 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार
सोने की कीमतों ने पहली बार 5,000 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा पार कर एक नया इतिहास रच दिया है. यह उछाल 2025 में सोने की कीमतों में आयी 60 फीसदी से अधिक की ऐतिहासिक तेजी का ही विस्तार है. सोने के साथ साथ चांदी ने भी नया कीर्तिमान स्थापित किया है और 23 जनवरी को यह पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई, जिसने पिछले साल लगभग 150 फीसदी की भारी बढ़त दर्ज की थी.
इस भारी उछाल के पीछे मुख्य कारण बढ़ती भू-राजनीतिक और वित्तीय अस्थिरता है. अमेरिका और नाटो के बीच ग्रीनलैंड को लेकर चल रहे तनाव ने बाजारों में डर पैदा कर दिया है. इसके अलावा, डॉनल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों ने भी चिंताएं बढ़ा दी हैं. उन्होंने शनिवार को धमकी दी कि यदि कनाडा चीन के साथ व्यापार समझौता करता है, तो उस पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. यूक्रेन और गाजा में चल रहे युद्धों के साथ साथ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना ने भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा है.
अनिश्चितता के इस दौर में निवेशक सोने और अन्य कीमती धातुओं को 'सुरक्षित पनाहगाह' मानते हैं. इस मांग को बढ़ाने वाले अन्य आर्थिक कारकों में सामान्य से अधिक मुद्रास्फीति, कमजोर अमेरिकी डॉलर और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार की जा रही खरीद शामिल है. साथ ही, यह उम्मीद भी की जा रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल फिर से ब्याज दरों में कटौती करेगा, जिससे सोने की कीमतों को और बल मिला है.
शी जिनपिंग ने भारत और चीन को बताया "अच्छे दोस्त और पड़ोसी"
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार, 26 जनवरी को भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भारत के गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं. चीन की आधिकारिक शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शी जिनपिंग ने अपने संदेश में भारत और चीन को "अच्छे पड़ोसी, दोस्त और साझेदार" बताया.
शिन्हुआ के मुताबिक, शी ने कहा कि पिछले एक साल में भारत और चीन के संबंधों में सुधार और विकास जारी रहा. उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को "वैश्विक शांति और समृद्धता को बनाए रखने और बढ़ावा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया."
शी ने कहा कि चीन का हमेशा से यह मानना रहा है कि "अच्छे पड़ोसी, दोस्त और साझेदार" बने रहना, चीन और भारत दोनों के लिए सही विकल्प है. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे और स्वस्थ एवं स्थिर संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक-दूसरे की चिंताओं पर ध्यान देंगे.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, भारत और चीन करीब 3,800 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जो कई जगहों पर विवादित है. साल 2020 में गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के बाद दोनों देशों के संबंध बेहद बिगड़ गए थे. हालांकि, बीते एक साल में इनमें काफी सुधार आया है.
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया
भारत सोमवार, 26 जनवरी को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस मौके पर नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर भव्य परेड निकल रही है. इस परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला फॉन डेय लाएन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष अंटोनियो कोस्टा हैं. परेड से पहले कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई.
इसके बाद पिछले साल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें पदक पहनाया. शुभांशु अमेरिका की एक निजी कंपनी के स्पेस मिशन के तहत अंतरिक्ष में गए थे. उन्होंने इस मिशन में भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो का प्रतिनिधित्व किया था.
सुबह 10.30 बजे शुरू हुई यह परेड करीब 90 मिनट तक चलेगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने परेड की सलामी ली. परेड में सबसे पहले परमवीर चक्र और अशोक चक्र विजेता, जिप्सी पर सवार होकर सलामी देते हुए निकले. इसके बाद भारतीय सेना के विभिन्न हथियार और उपकरण प्रदर्शित किए गए. फिर भारतीय सेना की विभिन्न टुकड़ियां मार्च करते हुए निकलीं.
सैन्य टुकड़ियों के मार्च के बाद विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और विभागों की झांकियां कर्तव्य पथ से गुजर रही हैं. कुल 30 झांकियों के निकलने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें देश भर के 2,500 कलाकार भाग लेंगे. अंत में भारतीय वायुसेना के 29 लड़ाकू विमान फ्लाई-पास्ट करेंगे और वंदेमातरम के साथ समारोह का समापन होगा.













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