तिरुवनंतपुरम, 26 अप्रैल विपक्षी कांग्रेस ने केरल सरकार की एआई कैमरा परियोजना में पारदर्शिता की कथित कमी एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और उससे इस पूरी पहल के बारे में सूचना सार्वजनिक करने की अपील की है। उसने दावा किया कि यह योजना ‘रहस्य में ढकी’ है।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को एक पत्र भेजकर विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने दावा किया कि इस परियोजना के अनुबंध, परिवहन विभाग और ‘केलट्रोन’ के बीच हुए करार, और कंपनी द्वारा की गयी निविदा प्रक्रिया के बारे में जानकारियां सार्वजनिक नहीं हैं।
सतीशन ने पत्र में आरोप लगाया है कि सुरक्षित केरल परियोजना के तहत लगाने के लिए जो कैमरे खरीदे गये वे बाजार भाव से अधिक दाम पर खरीदे गये तथा केलट्रोन द्वारा कंपनियों के चयन में पारदर्शित नहीं बरती गयी।
उन्होंने यह भी कहा है कि केरल राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (केलट्रोन) को परिवहन विभाग ने एआई कैमरा परियोजना को क्रियान्वित करने का जिम्मा दिया था लेकिन इस संबंध में सेवा समझौते को सार्वजनिक नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि ठेके कंपनियों के चयन के लिए केलट्रोन द्वारा जो निविदा प्रक्रिया अपनायी गयी है उसमें भी रहस्य है क्योंकि यह पता नहीं चल पाया कि किन कंपनियों ने निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लिया है और आखिरकार किस कंपनी का चयन किया गया।
जब से विजयन ने ‘सुरक्षित केरल परियोजना’ का उद्घाटन किया है तब से विपक्षी कांग्रेस इस पहल के प्रति आक्रामक रुख अपनाए हुए है और उसने उसमें अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इस परियोजना का मकसद सड़क हादसे और यातायात नियमों के उल्लंघन में कमी लाना है।
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