नयी दिल्ली, 21 दिसंबर न्यायपालिका के संबंध में कानून मंत्री के कुछ बयानों को आपत्तिजनक बताते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय ने बुधवार को कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से उच्च न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच टकराव बढ़ रहा है।
रास ने लोकसभा में शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि न्यायाधीशों की छुट्टियों के संबंध में और कॉलेजियम को लेकर कानून मंत्री के बयान अत्यंत आपत्तिजनक और अनुचित हैं।
उन्होंने कहा कि इससे उच्च न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच टकराव बढ़ रहा है।
शून्यकाल में एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल ने असम में चल रहे अतिक्रमण रोधी अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार को सर्दियों के मौसम में इस मुहिम को रोक लेना चाहिए क्योंकि बेघर लोग ठंड के प्रकोप का सामना करने को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस अभियान में केवल एक समुदाय के लोगों को निशाना बना रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संजय सेठ ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में पत्रकारिता और जनसंचार विषय को शामिल करने की मांग की।
भाजपा के महेश शर्मा ने दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फ्लैट खरीदारों की समस्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिल्डरों की मनमानी के कारण बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं और रेरा में भी घर खरीदारों की समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार को उचित कार्रवाई कर लोगों के हितों का संरक्षण करना चाहिए।
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