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ताजा खबरें | लोकपाल को मिलने वाली शिकायतें काफी कम हुयी : सरकार

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. कार्मिक, लोक शिकायत तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान लोकपाल को मिलने वाली शिकायतों की संख्या में खासी कमी आयी है ‘‘जो नरेंद्र मोदी सरकार के बारे में दर्शाता है कि शिकायत करने के लिए बहुत कुछ नहीं है।’’

ताजा खबरें | लोकपाल को मिलने वाली शिकायतें काफी कम हुयी : सरकार

नयी दिल्ली, पांच अगस्त कार्मिक, लोक शिकायत तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान लोकपाल को मिलने वाली शिकायतों की संख्या में खासी कमी आयी है ‘‘जो नरेंद्र मोदी सरकार के बारे में दर्शाता है कि शिकायत करने के लिए बहुत कुछ नहीं है।’’

सिंह ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2019-20 में भ्रष्टाचार विरोधी निकाय लोकपाल को 1,427 शिकायतें मिली थीं जो 2020-21 में घटकर केवल 110 और चालू वर्ष में 12 रह गयीं।

मंत्री ने कहा कि सभी के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि पहले वर्ष में लोकपाल के पास 1,000 से अधिक शिकायतें थीं, लेकिन अगले ही वर्ष यह घटकर लगभग 100 हो गई। उन्होंने कहा कि 2019-20 में 1,427 और 2020-21 में 110 शिकायतें थीं तथा चालू वर्ष में अब तक इनकी संख्या केवल 12 है।

लोकपाल के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि सीधे राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट पेश करता है। लोकपाल में मौजूदा रिक्तियों के बारे में सिंह ने कहा, "(नियुक्ति) प्रक्रिया चल रही है। हमने पहले ही लोकपाल समिति का गठन कर दिया है।"

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (कतई बर्दाश्त नहीं करने) के लिए प्रतिबद्ध हैं और उसी प्रतिबद्धता के तहत लोकपाल की स्थापना भी हुई।

उन्होंने कहा कि पहली बार लोकपाल की मांग 1963 में की गई थी। फिर अलग-अलग सरकारों द्वारा संसद में कम से कम 10 बार एक विधेयक पेश किया गया, चाहे इच्छाशक्ति की कमी हो या आधा-अधूरा प्रयास। आखिरकार 2014 की शुरुआत में संप्रग सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में दबाव में एक विधेयक लेकर आयी थी जिसमें कई कमियां थीं। उसके बाद विधेयक को संशोधित रूप में लाया गया।

सिंह ने कहा कि अब, इसके अध्यक्ष और दो न्यायिक सदस्य हैं। एक न्यायिक सदस्य की कोविड से मृत्यु हो गई।

लोकपाल में रिक्तियों की संख्या के बारे में उन्होंने कहा कि लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 की धारा 11 और 12 के तहत किए गए प्रावधान सहित लोकपाल की संस्था की खातिर आवश्यक स्टाफ स्वीकृत किए गए हैं।

उनसे सवाल किया गया था कि क्‍या लोकपाल ने लोक सेवक द्वारा कथित रूप से किए गए किसी भी तरह के अपराध में प्राथमिक जांच और अभियोजन के लिए लोकपाल और लोकायुक्‍त अधिनियम, 2013 के अंतर्गत जांच प्रकोष्ठ और अभियोजन प्रकोष्ठ गठित किया है।

सिंह ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सरकार में नियुक्तियां और स्थानांतरण मौजूदा नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण व तैनाती के संबंध में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार संबंधित मंत्रालयों व विभागों को अपनी स्थानांतरण नीति को ‘पब्लिक डोमेन’ (सार्वजनिक) में उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 05, 2021 07:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).