जरुरी जानकारी | कंपनियों को ऑडिट समितियों, स्वतंत्र निदेशकों को मजबूत करने पर देना चाहिए ध्यान: एनएफआरए प्रमुख

नयी दिल्ली, 21 जुलाई राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) के चेयरपर्सन अजय भूषण प्रसाद पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि ऐसे वक्त जब कंपनियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो उन्हें अपनी ऑडिट समितियों और स्वतंत्र निदेशकों को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी कंपनी में संचालन व्यवस्था को लेकर सलाहकार बोर्ड को भी रहना चाहिए, क्योंकि उनसे मूल्यवर्धन होता है।

पांडेय ने कहा, ''हाल के दिनों में, कई ऐसी कंपनियां सामने आई हैं, यह पुराने जमाने की कंपनी हो सकती है या नए जमाने की कंपनी हो सकती है... जब भी इन कंपनियों में कोई बड़ी समस्या सामने आती है तो वे संचालन को लेकर सलाहकार बोर्ड की नियुक्ति करती हैं।''

उन्होंने आगे कहा, ''यह एक बहुत अच्छा चलन है। मुझे इसका स्वागत करना चाहिए... लेकिन फिर आपके पास ऑडिट समितियां हैं, स्वतंत्र निदेशक हैं, तो आप उन्हें मजबूत क्यों नहीं करते।''

पांडेय ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि ऐसी कंपनियों को अपनी ऑडिट समितियों और स्वतंत्र निदेशकों को भी मजबूत करना चाहिए।

हाल के दिनों में कंपनी संचालन और अन्य मुद्दों का सामना कर रही कुछ कंपनियों ने सलाहकार बोर्ड का गठन किया है।

उद्योग मंडल एसोचैम के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कुछ वैधानिक लेखा परीक्षक अकेले में उनके पास आते हैं और कहते हैं कि ''यदि आप बहुत अधिक प्रश्न पूछते हैं, तो प्रबंधन नाराज हो जाता है।''

पांडेय ने कहा, ''प्रबंधन को ऑडिटरों को प्रोत्साहित करना चाहिए... यदि कोई कमी हैं तो आप हमें उसका पता लगाने में मदद कर सकते हैं... ऑडिटरों का इस तरह सशक्तिकरण जरूरी है।''

उन्होंने ऑडिट बिरादरी को यह भरोसा भी दिया कि एनएफआरए 'किसी तरह का खलनायक' नहीं है और नियामक उनकी सहायता करने तथा व्यवस्था में सुधार करने के लिए है।

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