ताजा खबरें | ब्रिक्स देशों का साझा सूत्र बहुध्रुवीयता के प्रति प्रतिबद्धता : सरकार

नयी दिल्ली, 21 मार्च सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि ‘ब्रिक्स’ समूह में बैठकों और चर्चाओं का उद्देश्य साझा आधार तलाशना और वैश्विक व्यवस्था को आकार देने के लिए मिलकर काम करना है तथा सदस्य देशों का साझा सूत्र ‘‘बहुध्रुवीयता के प्रति प्रतिबद्धता’’ है।

जयशंकर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

ब्रिक्स की वर्तमान स्थिति के बारे में यह प्रश्न पूछा गया था कि क्या यह सच है कि अमेरिका द्वारा जवाबी शुल्क लगाने से जुड़ी धमकी के बाद यह समूह अब विघटित होने लगा है।

जयशंकर ने अपने जवाब में इस प्रभावशाली समूह के इतिहास और विकास को रेखांकित किया, जिसका भारत सदस्य है।

उन्होंने कहा, ‘‘समय-समय पर, अफगानिस्तान में शांतिपूर्ण समाधान, गाजा में स्थायी युद्धविराम, लेबनान की स्थिति, सूडान और हैती में मानवीय संकट, यूक्रेन और उसके आसपास की स्थिति, सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता जैसे क्षेत्रीय राजनीतिक मुद्दों पर भी ब्रिक्स सदस्यों द्वारा विचार-विमर्श किया गया है।’’

उन्होंने कहा कि 2006 में स्थापित मंच ब्रिक्स अपनी स्थापना के बाद से ‘‘लगातार प्रगति’’ कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह अपने सदस्यों की ‘‘साझी चिंता’’ को दर्शाता है तथा वैश्विक स्तर पर चर्चा और नेतृत्व को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और समावेशी बनाने का प्रयास करता है।

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