जरुरी जानकारी | आयुष उत्पादों का निर्यात बढ़ाने के लिये वाणिज्य, आयुष मंत्रालय मिलकर करेंगे काम

नयी दिल्ली, छह दिसंबर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय तथा आयुष मंत्रालय ने आयुष उत्पादों (औषधीय गुण वाले जड़ी-बूटी युक्त उत्पाद) के निर्यात को बढ़ावा देने के लिये निर्यात संवर्धन परिषद गठित करने को लेकर मिलकर काम करने का निर्णय किया है।

हाल में संयुक्त समीक्षा बैठक में यह निर्णय किया गया। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और आयुष मंत्री श्रीपद नाइक शामिल हुए।

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यह भी निर्णय किया गया है कि आयुष मंत्रालय आयुष उत्पादों और सेवाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय मानक विकसित करने के लिये भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के साथ मिलकर काम करेगा।

बयान के अनुसार, ‘‘बैठक में यह भी फैसला किया गया कि पूरा आयुष क्षेत्र आयुष निर्यात को गति देने के लिये कीमत और गुणवत्ता के मामले में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता हासिल करने के लिये काम करेगा।’’

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समीक्षा बैठक चार दिसंबर को वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये हुई। इसमें आयुष क्षेत्र से जुड़े करीब 50 उद्योग और व्यापार प्रमुख शामिल हुए। क्षेत्र से जुड़े 2,000 से अधिक भागीदार भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

बैठक में नाइक ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता और इलाज को लेकर आयुष आधारित उत्पादों को लेकर दुनिया में रूचि बढ़ रही है।

बयान के अनुसार, ‘‘उन्होंने कहा कि भारत और विदेशों में बढ़ती मांग को देखते हुए आयुष क्षेत्र में व्यापार को बढ़ाने की जरूरत है....।’’

गोयल ने कहा, ‘‘हाल के महीनों में आयुष उत्पादों के निर्यात में वृद्धि कई देशों में इसकी लोकप्रियता को बताता है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिये निर्यात से संबंधित एचएस कोड के मानकीकरण पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा।’’ एच एस कोड वस्तुओं के प्रकार को बताने वाला वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य मानक है।

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