देश के इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति पद के किसी उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने के लिए 14वें संशोधन की धारा तीन का इस्तेमाल किया गया है।
कोलोराडो के उच्चतम न्यायालय ने इस मामले पर 4-3 से फैसला सुनाते हुए ट्रंप को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा, ‘‘न्यायालय में बहुमत का निर्णय है कि ट्रंप 14वें संशोधन की धारा तीन के तहत राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य हैं।’’
कोलोराडो के उच्चतम न्यायालय ने एक जिला अदालत के न्यायाधीश के फैसले को पलट दिया जिसमें कहा गया था कि ट्रंप ने छह जनवरी 2021 को कैपिटल (संसद भवन) में विद्रोह को हवा दी थी लेकिन ट्रंप को मतदान से नहीं रोका जा सकता।
अदालत ने अपने फैसले के अमल पर चार जनवरी तक या अमेरिकी उच्चतम न्यायालय की ओर से मामले पर फैसला आने तक रोक लगा दी। कोलोराडो के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को पांच जनवरी तक निपटा लिया जाना चाहिए। ट्रंप के पास अभी देश के उच्चतम न्यायालय के पास अपील करने का विकल्प मौजूद है।
ट्रंप के वकीलों ने अयोग्य ठहराए जाने के किसी भी फैसले के खिलाफ देश के उच्चतम न्यायालय में अपील करने की बात कही थी।
ट्रंप की कानूनी प्रवक्ता अलीना हब्बा ने मंगलवार रात एक बयान में कहा, ‘‘कोलोराडो के उच्चतम न्यायालय का यह फैसला इस देश के लोकतंत्र के हृदय पर हमला है। हमें उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय इस असंवैधानिक आदेश को पलट देगा।’’
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