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UP: योगी सरकार का फैसला, कैदियों की भीड़ कम करने के लिए और जेल बनाने के आदेश दिए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के कारागारों में कैदियों की क्षमता से ज्यादा संख्या की समस्या से निपटने के लिए नई जेल बनाने समेत पुरानी जेलों में नये बैरक बनाने के आदेश दिए हैं.

UP: योगी सरकार का फैसला, कैदियों की भीड़ कम करने के लिए और जेल बनाने के आदेश दिए
मनोनीत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo Credits PTI)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के कारागारों में कैदियों की क्षमता से ज्यादा संख्या की समस्या से निपटने के लिए नई जेल बनाने समेत पुरानी जेलों में नये बैरक बनाने के आदेश दिए हैं. राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद के समक्ष गृह, कारागार, होमगार्ड, सचिवालय प्रशासन और नियुक्ति एवं कार्मिक विभागों की कार्ययोजना प्रस्तुतिकरण के बाद निर्देश देते हुए कहा कि जेलों में बंदियों की क्षमता से ज्यादा संख्या की समस्या के निदान के लिए पुराने कारागारों में नए बैरक का निर्माण किया जाए.

उन्होंने कहा कि अमरोहा, संभल, शामली और मुजफ्फरनगर में जिला कारागार के निर्माण के लिए जमीन खरीदी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेठी, हाथरस, औरेया, हापुड़, चंदौली, भदोही, अमरोहा, सम्भल, कुशीनगर, महोबा में जिला कारागार के निर्माण की कार्यवाही शुरू की जाये. यह भी पढ़े: उत्तर प्रदेश के 21 कैदियों ने पैरोल लेने से किया इनकार, जेल में 'सुरक्षित'

गौरतलब है कि इस समय प्रदेश में 73 कारागार हैं। राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश की जेलों में औसतन 177 बंदी कैद हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 118 का है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बंदियों की समय-पूर्व रिहाई के संबंध में लागू वर्तमान नीति में संशोधन की जरूरत है। इसे अगले 100 दिनों में कर लिया जाना चाहिए.

योगी ने यह भी निर्देश दिए कि कारागार की सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक तकनीक का उपयोग किया जाए. उन्होंने कहा कि सौ दिनों में सात वीडियो कांफ्रेंसिंग इकाईयों का पुनर्स्थापन और कारागार मुख्यालय में मल्टी कांफ्रेंस यूनिट की स्थापना की जाए. मुख्यमंत्री ने नियुक्ति विभाग का प्रस्तुतीकरण देखने के बाद कहा कि उनकी सरकार सभी विभागीय रिक्तियों को शीघ्रता से भरने के लिए प्रतिबद्ध है। रिक्त पदों पर समयबद्ध चयन के लिए समय से अधियाचन भेजने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की जाए.

उन्होंने कहा कि आगामी चयन वर्ष की सीधी भर्ती के लिए सभी विभागों द्वारा अधियाचन 31 मई से पूर्व भेजा जाए, ताकि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा सके. मुख्यमंत्री ने माना कि समय से पदोन्नति न होने से कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि सभी विभागों में सभी विभागीय प्रोन्नतियां 30 सितम्बर तक जरूर कर ली जाएं.

वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक के लिए वार्षिक स्थानान्तरण नीति वर्तमान माह के अंत तक जारी की जाए। योगी ने निर्देश दिए कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर दंड स्वरूप निर्धारित चालान की राशि को स्पॉट पर ही जमा करने की सुविधा दी जाए और डेबिट/क्रेडिट कार्ड से भी भुगतान की व्यवस्था हो. उन्होंने मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर स्टेट ऑफ आर्ट पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2022 08:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).