पुणे, 31 अगस्त वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने सोमवार को दावा किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें सूचना मिली है कि राज्य में उपासना के स्थलों को ‘जल्दी’ खोला जाएगा और इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तय की जाएगी।
आंबेडकर ने यह भी दावा किया कि सोलापुर के पंढरपुर शहर में स्थित भगवान विठ्ठल के मंदिर में 15 लोगों को सोमवार को प्रवेश की अनुमति दी गई है जिनमें वह और वारकरी संगठन के सदस्य शामिल हैं। इससे पहले उन्होंने उपासना स्थलों को खोलने के लिए प्रदर्शन किया था।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, " मुझे मुख्यमंत्री की ओर से सूचना मिली है कि राज्य में मंदिर, मस्जिद, बुद्ध विहार और जैन मंदिरों को जल्द खोला जाएगा तथा दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे। दिशा-निर्देश तैयार करने में आठ-10 दिन लगेंगे और इसके बाद मंदिरों को खोल दिया जाएगा। "
उन्होंने अगले ट्वीट में कहा कि राज्य सरकार ध्यान रखे कि यदि उसने धार्मिक स्थलों को खोलने का अपना वादा पूरा नहीं किया तो, वे फिर से पंढरपुर आ जाएंगे।
इससे पहले, पंढरपुर में प्रवेश करने के बाद आंबेडकर ने कहा, " हमने आज दर्शन किए। हमारा संदेश है कि हम पंढरपुर से नहीं हिलेंगे। बाद में 15 लोगों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई। "
आंबेडकर ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं और लोगों की भावनाओं का सम्मान किया, जिसके लिए वह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आभारी हैं।
इससे पहले दिन में, वंचित बहुजन आघाडी और वारकरी संगठन के सैकड़ों सदस्यों ने एक-दूसरे से दूरी के नियम को तोड़ते हुए प्रदर्शन शुरू किया और भगवान विठ्ठल के मंदिर को खोलने की मांग की।
मंदिर के पास प्रदर्शन के दौरान आंबेडकर ने कहा कि वे मांग पर जिलाधिकारी की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, " मैं यहां नियम तोड़ने आया हूं।"
इसके बाद शिवसेना तथा कांग्रेस ने उनकी आलोचना की।
यह मंदिर कोविड-19 के कारण लगी पांबदियों की वजह से बंद है।
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