नयी दिल्ली, 14 जुलाई एनआईए ने पीएलएफआई नक्सली वित्त पोषण मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है जो एक संदिग्ध कंपनी के माध्यम से उगाही के पैसे को वैध धन में तब्दील करने के मामले में कथित तौर पर संलिप्त था।
एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि झारखंड के गुमला जिले के निवासी फुलेश्वर गोपे (44) को सोमवार को गिरफ्तार किया गया।
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उन्होंने कहा कि मामला भादंसं, यू ए (पी) कानून और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। मामला झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के प्रमुख दिनेश गोपे से 25.38 लाख रुपये जब्त किए जाने से जुड़ा हुआ है।
अधिकारी ने बताया कि दिनेश के सहयोगियों द्वारा दस नवम्बर 2016 को रांची के एक बैंक में इस धन को जमा कराया जाना था लेकिन चार आरोपी उसी दिन गिरफ्तार कर लिए गए। मामले में नौ जनवरी 2017 को आरोपपत्र दायर किया गया।
उन्होंने कहा कि एनआईए ने मामले को 19 जनवरी 2018 को हाथ में लिया और छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में छापेमारी की गई और 90 लाख रुपये की संपत्ति और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
एनआईए के अधिकारी ने बताया कि फुलेश्वर ने दिनेश के साथ मिलीभगत में एक संदिग्ध कंपनी मेसर्स शिव शक्ति समृद्धि इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड बनाई थी, ताकि उगाही के पैसे को संदिग्ध कंपनी के बैंक खाते में जमा कराके उसे वैध बनाया जा सके।
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