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जरुरी जानकारी | सस्ते आयातित तेल के कारण देशी तेलों की लागत निकालना कठिन हुआ : तेल उद्योग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों से पाम तेल जैसे सस्ते तेलों का आयात बढ़ने के कारण देश के किसानों के पास बचे मूंगफली, सूरजमुखी और सोयाबीन दाना जैसी स्टॉक को बाजार में खपाना मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि इनके भाव सस्ते तेलों के मुकाबले कहीं अधिक हैं। खान पान की छोटी दुकानों पर पाम तेल की अधिक मांग है।

जरुरी जानकारी | सस्ते आयातित तेल के कारण देशी तेलों की लागत निकालना कठिन हुआ : तेल उद्योग

नयी दिल्ली, 24 जुलाई विदेशी बाजारों से पाम तेल जैसे सस्ते तेलों का आयात बढ़ने के कारण देश के किसानों के पास बचे मूंगफली, सूरजमुखी और सोयाबीन दाना जैसी स्टॉक को बाजार में खपाना मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि इनके भाव सस्ते तेलों के मुकाबले कहीं अधिक हैं। खान पान की छोटी दुकानों पर पाम तेल की अधिक मांग है।

दिल्ली तेल तिलहन बाजार में शुक्रवार को विदेशों से पाम तेल जैसे तेलों के सस्ते आयात के कारण देशी तेल तिलहनों की खपत प्रभावित हुई और सोयाबीन, मूंगफली जैसे देशी तेल तिलहनों के भाव गिरारवट के साथ बंद हुए।

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बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में पाम और पामोलीन तेल का काफी स्टॉक जमा है और आगे भी उत्पादन में भारी वृद्धि होने की संभावना है। ऐसी स्थिति में मलेशिया जैसा पामतेल उत्पादक देश निर्यात शुल्क को वापस लेकर उत्पादकों को निर्यात बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

सूत्रों ने कहा कि ऐसी स्थिति में हमारे यहां भी सरकार को देशी तिलहन उत्पादक किसानों को सस्ते आयात की मार से बचाने के लिए आयातित तेलों पर आयात शुल्क लगाने जैसे विकल्प को ढूंढना चाहिये नहीं तो तिलहन उत्पादक किसान, घरेलू तिलहन उद्योग को भारी नुकसान होगा और तिलहन उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय मंडी में सरसों किसान अपने उत्पाद को सस्ते में बेचने को राजी नहीं है और वे मंडियों में कम फसल ला रहे हैं जिससे सरसों तेल तिलहन कीमतों में सुधार आया। वायदा कारोबार में सूरजमुखी, सोयाबीन और मूंगफली के भाव लागत से 15 से 20 प्रतिशत नीचे चले रहे हैं।

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दूसरी ओर लॉकडाऊन के बाद छोटे कारोबारियों की ओर से मांग बढ़ने से पाम तेल कीमतों में सुधार आया।

कारोबारी सूत्रों ने कहा कि सरकार को सस्ते तेल के बढ़ते आयात पर अंकुश लगाने के लिए उनपर आयात शुल्क बढ़ाने जैसे उपाय जल्द से जल्द करना चाहिये।

शुक्रवार को बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 4,680- 4,730 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,730 - 4,780 रुपये।

वनस्पति घी- 965 - 1,070 रुपये प्रति टिन।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,460 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,865- 1,915 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,545 - 1,685 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,645 - 1,765 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,140 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 8,930 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 7,960 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला-7,500 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 7,800 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 8,900 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,110 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,640- 3,665 लूज में 3,375--3,440 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2020 05:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).