नयी दिल्ली, 16 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी एल भट को राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के कार्यवाहक अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त करने के खिलाफ एक याचिका पर केंद्र का जवाब मांगा है ।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कॉरपोरेट कार्य, वित्त, कानून एवं न्याय मंत्रालयों तथा एनसीएलएटी को नोटिस जारी कर एक वकील द्वारा दाखिल याचिका पर उनके जवाब मांगे हैं । याचिका में दावा किया गया कि कंपनी कानून का उल्लंघन कर नियुक्ति की गयी।
वकील फौजिया रहमान ने अपनी याचिका में न्यायमूर्ति भट की एनसीएलएटी के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) की 12 मार्च की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की ।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव के विरमानी और वकील एम कयामुद्दीन के जरिए दाखिल याचिका में रहमान ने दावा किया है कि कंपनी कानून और न्यायाधिकरण के प्रावधानों तथा अपीलीय न्यायाधिकरण और अन्य प्राधिकार (सदस्यों के लिए योग्यता, अनुभव और अन्य शर्तें) नियम, 2020 का उल्लंघन कर नियुक्ति की गयी।
यह भी पढ़े | कोरोना वायरस: इम्युनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन, प्रोटीन के अलावा शरीर के लिए कितना जरूरी हैं जिंक.
उन्होंने एक नियम को भी रद्द किए जाने की मांग की है जिसके तहत केंद्र न्यायाधिकरण के किसी भी सदस्य को, उनकी वरिष्ठता को दरकिनार करते हुए रिक्ति होने पर न्यायाधिकरण का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर सकता है।
मामले में आगे 30 जून को सुनवाई होगी ।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY