नयी दिल्ली, 21 दिसंबर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को नियम 267 के तहत चीन के साथ सीमा मुद्दे और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर चर्चा के लिए विपक्षी सदस्यों द्वारा दिए गए दो नोटिस अस्वीकार कर दिए और कहा कि नोटिस नियमों के अनुरूप नहीं थे।
हालांकि, उन्होंने विपक्षी सदस्यों को आश्वासन दिया कि वह गुण-दोष के आधार पर नियम 267 के संबंध में फैसला लेंगे।
सभापति ने मंगलवार को नियम 267 के तहत छह नोटिस खारिज करते हुए भी सदस्यों को ऐसा ही आश्वासन दिया था।
राज्यसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली के नियम 267 के तहत किसी सूचीबद्ध कार्य को स्थगित किया जा सकता है ताकि सभापति की मंजूरी से किसी जरूरी मामले को उठाया जा सके।
शून्यकाल के दौरान सूचीबद्ध दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद धनखड़ ने कहा कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और कांग्रेस के प्रमोद तिवारी से नियम 267 के तहत नियमों के निलंबन के लिए नोटिस मिले हैं।
आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर सेन के नोटिस पर उन्होंने कहा, ‘‘यह नियमों के अनुरूप नहीं है।’’
तिवारी का नोटिस देपसांग और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अवैध और बिना उकसावे के चीनी अतिक्रमण पर जुड़ी चिंता पर था।
धनखड़ ने कहा कि तिवारी के नोटिस में नियम 267 के हर तत्व की कमी है।
सभापति ने कहा कि उनके पूर्ववर्तियों ने अपने-अपने कार्यकाल के दौरान नियम 267 का उपयोग किया और उनके पांच साल के कार्यकाल के दौरान यह संख्या कभी भी दोहरे अंकों में नहीं रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं आंकड़ों पर नहीं जाता। जब भी कोई अवसर आएगा तो मैं नियम 267 लागू करूंगा। अगर कोई अवसर नहीं आया तो मैं नहीं करूंगा।’’
धनखड़ ने मंगलवार को उच्च सदन के सदस्यों को आश्वस्त किया था कि स्थिति की गंभीरता के अनुरूप यदि जरूरत पड़ी तो वह हर दिन नियम 267 के तहत कार्यस्थगन के नोटिस स्वीकार कर सदन में चर्चा कराने से भी संकोच नहीं करेंगे।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उनके पूरे कार्यकाल के दौरान यदि ऐसा कोई नोटिस सही प्रारूप में नहीं मिला तो वह एक भी बार उसे स्वीकार नहीं करेंगे।
धनखड़ ने यह भी कहा कि 12 दिसंबर को उन्होंने विभिन्न दलों के नेताओं से अनुरोध किया था कि वे सुविधा के लिए अपने सदस्यों के बीच सीट आवंटित करें ताकि नियमों के अनुपालन के दौरान यह सुनिश्चित किया जा सके कि सदस्य अपनी सीट पर हैं कि नहीं।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे अनुरोध पर आवश्यक ध्यान नहीं दिया गया है।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति, शिव सेना और जनता दल (यूनाइटेड) सहित कुछ अन्य दलों ने अभी तक अपने सदस्यों के बीच सीट का आवंटन नहीं किया है।
उन्होंने संबंधित पक्षों से कहा कि वे दिन के दौरान बिना किसी देरी के इसका विवरण आसन को भेजें।
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