सांगली (महाराष्ट्र), चार अक्टूबर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मौजूदा सीमा 50 प्रतिशत से अधिक करने के लिए संवैधानिक संशोधन लेकर आने की अपील की।
हालांकि, शिवसेना ने सवाल किया कि पवार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले क्यों यह मुद्दा उठा रहे हैं? पार्टी ने जानना चाहा कि पवार ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री रहते हुए क्या किया ?
पवार ने यहां पत्रकारों से कहा कि आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मराठाओं को आरक्षण देकर इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि इस तरह के कदम से अन्य समुदायों के लिए निर्धारित आरक्षण की सीमा में कोई व्यवधान नहीं पड़े।
उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत है। लेकिन अगर तमिलनाडु (विभिन्न समुदायों के लिए आरक्षण) 78 प्रतिशत कर सकता है तो महाराष्ट्र में 75 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं किया जा सकता।’’
उन्होंने कहा कि केंद्र को आगे बढ़कर आरक्षण की सीमा बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन लाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हम संशोधन का समर्थन करेंगे।’’
एक अन्य सवाल पर पवार ने कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के नेताओं के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत अगले सप्ताह भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं नेताओं को यही सलाह दूंगा कि वे जल्द से जल्द बातचीत पूरी कर लें ताकि हम बदलाव चाहने वाले लोगों तक पहुंच सकें।’’
एमवीए के सहयोगी दल राकांपा (एसपी), उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने हालिया लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा था और बेहतर प्रदर्शन किया था। एमवीए गठबंधन ने राज्य में 48 में से 30 सीटों पर जीत दर्ज की। महाराष्ट्र में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
पवार ने कहा कि लोग सरकार में बदलाव लाने को लेकर सकारात्मक हैं और एमवीए उनकी इन भावनाओं का सम्मान करता है।
राकांपा (शरद पवार) के प्रमुख ने मराठी को ‘‘शास्त्रीय ’’ का दर्जा दिए जाने के फैसले का स्वागत किया और इसके लिए केंद्र सरकार को बधाई दी।
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