Prajwal Revanna Sexual Harassment Case: केंद्र प्रज्वल रेवन्ना को वापस लाने में सहयोग के लिए तैयार है- प्रह्लाद जोशी
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि जनता दल (एस) के सांसद प्रज्वल रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने की एक प्रक्रिया है और केंद्र उसे देश वापस लाने में सहयोग करने के लिए तैयार है.
कलबुर्गी (कर्नाटक), 23 मई : केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि जनता दल (एस) के सांसद प्रज्वल रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने की एक प्रक्रिया है और केंद्र उसे देश वापस लाने में सहयोग करने के लिए तैयार है. प्रज्वल कई महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी हैं. राज्य सरकार पर प्रहार करते हुए जोशी ने सवाल किया कि प्रज्वल के विदेश भागने से पहले उनके खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में क्यों नहीं लिया गया? केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस सरकार पर केंद्र पर दोष मढ़ने और इस मुद्दे पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया. जोशी मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दूसरा पत्र लिखकर प्रज्वल का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने के लिए "त्वरित और आवश्यक" कार्रवाई करने का आग्रह करने के सवाल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे.
जोशी ने कहा, “ राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने की एक प्रक्रिया है...अभी तक सिद्धरमैया,(उपमुख्यमंत्री) डीके शिवकुमार और (गृह मंत्री) परमेश्वर ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया है.” उन्होंने कहा, “ (प्रज्वल की संलिप्तता वाली अश्लील वीडियो वाली) पहली पेन ड्राइव 21 अप्रैल को सामने आई और प्रज्वल रेवन्ना 27 अप्रैल को विदेश रवाना हो गए. क्या वे सात दिन तक गधों की रखवाली कर रहे थे? आपने प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें हिरासत में क्यों नहीं लिया? यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "उन्हें (प्रज्वल को) विदेश से वापस लाने की एक प्रक्रिया है और भारत सरकार कानून के अनुसार आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करके राज्य सरकार को सहयोग देने के लिए तैयार है." जोशी ने कहा, "लेकिन यह बात कि जैसे ही हम (मुख्यमंत्री या राज्य सरकार) पत्र लिखें, चीजें होनी चाहिए, या फिर भाजपा पर दोष मढ़ दें (सही नहीं है). उन्होंने (राज्य सरकार ने) वोक्कालिगा वोट पर नजर होने के कारण पहले चरण का मतदान (26 अप्रैल को) खत्म होने तक पेन ड्राइव मामले में कार्रवाई नहीं की. अब वे केंद्र पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.” यह भी पढ़ें : Pune Porsche Accident: अग्रवाल परिवार की तीन पीढ़ियों से पूछताछ कर रही है पुणे पुलिस
उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और प्रज्वल को जांच का सामना करना होगा और दोषी पाए जाने पर सजा भी भुगतनी होगी. इस पर तो कोई सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहा, लेकिन कर्नाटक सरकार जांच से ज्यादा इस मामले में राजनीति करने की कोशिश कर रही है. सिद्धरमैया ने प्रधानमंत्री मोदी को 22 मई को लिखे अपने पत्र में कहा कि यह "निराशाजनक" है कि गंभीर स्थिति के बावजूद, प्रज्वल के राजनयिक पासपोर्ट को रद्द करने के संबंध में उनके पिछले पत्र पर कार्रवाई नहीं की गई है. मुख्यमंत्री ने इससे पहले एक मई को मोदी को पत्र लिखकर प्रज्वल का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने के लिए विदेश और गृह मंत्रालयों से त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया था. इस बीच विदेश मंत्रालय प्रज्वल के राजनयिक पासपोर्ट को रद्द करने की मांग करने वाले कर्नाटक सरकार के अनुरोध पर कार्रवाई कर रहा है तेंतीस वर्षीय प्रज्वल जद (एस) के संरक्षक और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते और हासन लोकसभा क्षेत्र से राजग के उम्मीदवार हैं. उन पर कई महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप है. वह हासन में मतदान होने के एक दिन बाद 27 अप्रैल को कथित रूप से जर्मनी चले गए थे.
(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2024 03:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

