Pune Porsche Accident: अग्रवाल परिवार की तीन पीढ़ियों से पूछताछ कर रही है पुणे पुलिस
पुणे पुलिस ने 19 मई को तेज रफ्तार पोर्श कार से दो लोगों की जघन्य हत्या के मामले में गुरुवार को रियलिटी के क्षेत्र में कारोबार करने वाले अग्रवाल परिवार की तीन पीढ़ियों से पूछताछ शुरू कर दी.
पुणे, 23 मई : पुणे पुलिस ने 19 मई को तेज रफ्तार पोर्श कार से दो लोगों की जघन्य हत्या के मामले में गुरुवार को रियलिटी के क्षेत्र में कारोबार करने वाले अग्रवाल परिवार की तीन पीढ़ियों से पूछताछ शुरू कर दी. पुलिस कारोबारी विशाल अग्रवाल, उनके पिता सुरेंद्र कुमार अग्रवाल और नाबालिग बेटे से पूछताछ कर रही है. आरोप है कि घटना के दिन नाबालिग कार चला रहा था. वह नशे की हालत में कार को 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भगा रहा था. कुछ मिनटों में उसने मध्य प्रदेश के दो टेकियों को अपनी कार से रौंद दिया.
विशाल अग्रवाल से पूछताछ की जा रही है क्योंकि उन्होंने अपने नाबालिग बेटे को कार ले जाने दी और ड्राइवर को उसे कार चलाने देने की अनुमति दी जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था. बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने माना कि 18 मई की रात अपने बेटे को लग्जरी कार देकर उन्होंने "गलती" की, जिससे 19 मई को तड़के हादसा हुआ था. यह भी पढ़ें : देश की खबरें | सोनिया की दिल्लीवासियों से अपील: लोकतंत्र और संविधान बचाने का चुनाव, इस लड़ाई में भूमिका निभाएं
बुजुर्ग सुरेंद्र कुमार अग्रवाल से एक 15 साल पुराने मामले में पूछताछ चल रही है जिसमें उन पर अक्टूबर 2009 में कारोबार को लेकर हुए विवाद में शिवसेना के पूर्व पार्षद अजय भोसले को मारने का आदेश देने का आरोप है. यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, और क्राइम ब्रांच माफिया छोटा राजन से साथ उनके संबंधों की जांच कर रहा है.
राष्ट्रीय सुर्खी बन चुके नाबालिग से संबंधित अधिकार बाल सुधार गृह में पूछताछ कर रहे हैं. मामले में जनाक्रोश सामने आने के बाद उसे 22 मई से वहां रखा गया है.
जांचकर्ताओं को पता चला है कि किशोर ने अपने साथियों के साथ एक रेस्टोरेंट और पब में पार्टी पर 48 हजार रुपये खर्च किये थे. वहां उनकी उम्र की पुष्टि किये बिना उन्हें आयातित ब्रांड की ज्यादा नशे वाली शराब परोसी गई थी. इसके अलावा निर्देशित समय सीमा के बाद भी पब को खुला रखा गया.
पार्टी करने के बाद नाबालिग अपनी पोर्श कार में तेज रफ्तार ड्राइव करने लगा. इसी दौरान कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिस पर दो लोग - अश्विनी कोष्टा और अनीश अवधिया (दोनों 24) - सवार थे. वे दोस्तों के साथ रीयूनियन के बाद घर लौट रहे थे.
घटना के महज 15 घंटे के भीतर पारिवारिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए आरोपी को जमानत मिल गई. सजा के तौर पर उसे पोर्श हादसे पर एक निबंध लिखने के लिए कहा गया, और वह एक पखवाड़े तक येरवदा ट्रैफिक पुलिस विभाग के साथ काम करने तथा नशा मुक्ति के लिए मेडिकल काउंसिलिंग करवाने पर सहमत हुआ. हालांकि मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने और स्थानीय लोगों के आक्रोश के बाद पुणे पुलिस ने 19 मई के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की. किशोर न्याय बोर्ड ने 22 मई को आरोपी की जमानत रद्द करते हुए उसे 14 दिन के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया.
मामले में अग्रवाल परिवार से बाहर भी तीन आरोपियों को 20 मई को गिरफ्तार किया गया था. इनमें कोजी रेस्टोरेंट के मालिक प्रह्लाद भूतड़ा, प्रबंधक सचिन काटकर और बारटेंडर संदीप सांग्ले शामिल हैं. तीनों फिलहाल (24 मई तक) पुलिस की हिरासत में हैं. आबकारी विभाग ने बुधवार को रेस्टोरेंट पर छापेमारी कर उसे सील कर दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2024 04:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

