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Prajwal Revanna Convicted in Rape Case: पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना रेप केस में दोषी करार, सजा सुनते ही कोर्ट में फूट-फूटकर रोए

हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु की विशेष अदालत ने बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराया है. फैसला सुनते ही वह कोर्ट में रो पड़े और अब 2 अगस्त को उनकी सज़ा का ऐलान किया जाएगा. यह मामला एक घरेलू सहायिका के साथ यौन उत्पीड़न और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़ा है.

Prajwal Revanna Convicted in Rape Case: पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना रेप केस में दोषी करार, सजा सुनते ही कोर्ट में फूट-फूटकर रोए

Prajwal Revanna Convicted in Rape Case: देश की राजनीति में हलचल मचा देने वाले मामले में, हासन के पूर्व सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराया गया है. बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया. अदालत कल, यानी 2 अगस्त को इस मामले में सज़ा का ऐलान करेगी.

यह फैसला सुनते ही 34 वर्षीय प्रज्वल रेवन्ना अदालत में पूरी तरह टूट गए और फूट-फूटकर रोने लगे. जब उन्हें कोर्ट से बाहर ले जाया जा रहा था, तब भी वह लगातार रो रहे थे.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला एक 47 वर्षीय महिला से बलात्कार का है, जो उनके यहां घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती थी. यह उन चार बलात्कार मामलों में से एक है जिनमें रेवन्ना को आरोपी बनाया गया है. यह फैसला FIR दर्ज होने के सिर्फ 14 महीने के अंदर आ गया है, जिसे काफी तेज कानूनी कार्रवाई माना जा रहा है.

किन धाराओं में ठहराया गया दोषी?

विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को भारतीय दंड संहिता (IPC) और आईटी एक्ट की कई गंभीर धाराओं के तहत दोषी पाया है. इनमें शामिल हैं:

  • बलात्कार (धारा 376): अपने पद या ताकत का गलत इस्तेमाल कर किसी महिला से बलात्कार करना और एक ही महिला से बार-बार बलात्कार करना.
  • यौन उत्पीड़न (धारा 354A): महिला का यौन उत्पीड़न करना.
  • महिला का अपमान (धारा 354B): महिला को निर्वस्त्र करने की कोशिश करना.
  • ताक-झांक (धारा 354C): किसी की निजी पलों की जासूसी करना या वीडियो बनाना.
  • आपराधिक धमकी (धारा 506): किसी को डराना-धमकाना.
  • सबूत मिटाना (धारा 201): अपराध से जुड़े सबूतों को नष्ट करना.
  • प्राइवेसी का उल्लंघन (IT एक्ट धारा 66E): किसी की निजता का हनन करना.

कैसे चला ट्रायल?

विशेष सरकारी वकील अशोक नायक ने बताया कि इस साल 2 मई को ट्रायल शुरू हुआ था. इस दौरान 26 गवाहों से पूछताछ की गई और सबूत के तौर पर 180 दस्तावेज़ पेश किए गए. सिर्फ 38 सुनवाइयों के अंदर यह ट्रायल पूरा कर लिया गया.

अब सभी की निगाहें कल पर टिकी हैं, जब अदालत यह तय करेगी कि प्रज्वल रेवन्ना को इन गंभीर अपराधों के लिए कितनी सज़ा मिलेगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 01, 2025 02:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).