देश की खबरें | केंद्र सरकार की नीतियां सिर्फ अमीर लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए है :प्रियंका

विश्वनाथ (असम), दो मार्च कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने नये कृषि कानूनों से जुड़ी किसानों की चिंताओं पर ध्यान नहीं देने को लेकर मंगलवार को केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर करारा प्रहार किया और कहा कि उसकी नीतियां सिर्फ अमीर लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई हैं।

उन्होंने यहां से नजदीक साधारू चाय बागान की महिला श्रमिकों से बातचीत करते हुए कहा कि किसान राष्ट्रीय राजधानी के अंदर और बाहर महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन लोगों से अब तक नहीं मिले हैं और गतिरोध खत्म नहीं किया है।

प्रियंका ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जहां रहते हैं वहां से महज चार-पांच किमी की दूर पर पिछले कुछ महीनों से तीन लाख से अधिक किसान धरना दे रहे हैं , लेकिन वह (प्रधानमंत्री) उनसे मिलने नहीं गए। ’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘उनके एक बार जाकर मिल लेने, बात करने में आखिर क्या समस्या है और यदि किसानों को (नये कृषि) कानूनों को लेकर कुछ समस्या है, तो फिर उनके फायदे के लिए इसमें बदलाव कर देते...लेकिन इस सरकार की नीतियां अमीरों और ताकतवर लोगों के लिए है, ना कि आम आदमी के लिए।’’

असम के दो दिनों के दौरे पर आई प्रियंका चाय बागान में महिला श्रमिकों के साथ बैठीं और कई मुद्दों पर उनके साथ चर्चा की।

बातचीत के दौरान महिलाओं ने उनसे कथित तौर पर कहा कि उनके लिए बनी योजनाओं का फायदा सिर्फ कुछ लोगों को ही मिल रहा है, जबकि अन्य लोगों को पूछताछ के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। काम के समय में इसके लिए जाना मुश्किल होता है ।

महिलाओं ने महंगाई के चलते हो रही समस्याएं, आवास और बागानों में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से पेश आने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया।

कांग्रेस नेता ने महिला श्रमिकों से कहा, ‘‘पार्टियों का यह धर्म है कि वे चुनाव के दौरान आपके पास आकर किये गये वादों को पूरा करें। जो सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती है उसे सबक सिखाने के लिए आपके पास वोट की शक्ति है। हमने नयूनतम 365 रुपये दिहाड़ी मजदूरी का वादा किया है...। ’’

प्रियंका, एक पारंपरिक मेखला चादर ओढ़े हुए थी। बागान में उन्हें चाय की पत्तियों को तोड़ कर रखने वाली एक टोकरी भी अपनी पीठ पर लिए देखा गया।

उन्होंने चाय बागान में काम करने वाली जनजातीय महिलाओं के साथ झूमर नृत्य में उनके साथ कदम से कदम मिलाने की कोशिश की और उन्हें लाल बॉर्डर वाली एक सफेद साड़ी तोहफे में दी गई, जो महिलाएं नृत्य के लिए पहनती हैं।

इसके बाद कांगेस नेता एक चाय बागान मजदूर के घर भी गईं।

राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीन चरणों में --27 मार्च, एक अप्रैल और छह अप्रैल को मतदान होने हैं।

सुभाष उमा

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)