नयी दिल्ली, 26 अगस्त ‘राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन’ (एनडीएचएम) के तहत लोगों से एकत्रित गोपनीय स्वास्थ्य आंकड़ों की सुरक्षा के लिए सरकार ने मान्य कानूनों और विनियमों के अनुपालन के साथ ही न्यूनतम मापदंडों के एक प्रारूप का प्रस्ताव रखा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एनडीएचएम की घोषणा की थी।
‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने लोगों के लिए ‘स्वास्थ्य आंकड़ा प्रबंधन नीति’ का मसौदा जारी किया है। एनएचए को ही एनडीएचएम की रूपरेखा तैयार करने और उसे अमलीजामा पहनाने का जिम्मा सौंपा गया है।
यह सौदा राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की सरकारी वेबसाइट पर डाला गया है और उस पर लोगों से तीन सितंबर तक राय मांगी गयी है।
यह भी पढ़े | Maharashtra Stamp Duty: महाराष्ट्र में घर खरीदना हुआ सस्ता, स्टाम्प ड्यूटी 5% से घटकर 2 फीसदी हुई.
इस मसौदा नीति में ‘व्यक्तियों के निजी एवं संवेदनशील आंकड़ों के सुरक्षित उपयोग/रखरखाव’ के लिए एक प्रारूप तैयार करने की कोशिश की गयी है । ये आंकड़े राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारितंत्र का हिस्सा हैं।
दस्तावेज के अनुसार राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य परितंत्र (एनडीएचई) के तहत जुटाये गये आंकड़े केंद्रीय स्तर पर, राज्य या केंद्रशासित स्तर और स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर न्यूनता के सिद्धांत का पालन करते हुए संभालकर रखे जायेंगे।
दस्तावेज के अनुसार संघीय ढांचे में ऐसे प्रारूप का विकास जरूरी हो जाता है जिसका गोपनीय स्वास्थ्य आंकड़ों की निजता की सुरक्षा के लिए पूरे एनडीएचई में इस्तेमाल किया जा सके।
एनएचए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंदू भूषण ने कहा, ‘‘ स्वास्थ्य आंकड़ा प्रबंधन नीति व्यक्तियों की आंकड़ा निजता की रक्षा के वास्ते एनडीएचएम के ‘सुरक्षा एवं निजता डिजायन’ मार्गदर्शक सिद्धांत को साकार करने की दिशा में पहला कदम है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ उसमें आंकड़ा निजता, सहमति प्रबंधन, आंकड़ा साझा करने और सुरक्षा जैसे स्वास्थ्य आंकड़ों के विभिन्न पहलू हैं। ’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY