देश की खबरें | सेललिंक व आईआईएससी ने 3डी बायोप्रिंटिंग में अनुसंधान के लिए हाथ मिलाया

बेंगलुरु, 19 अगस्त भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) और वैश्विक 3डी बायोप्रिंटिंग कंपनी सेललिंक एक उत्कृष्ट केंद्र (सीओई) स्थापित करने के लिए साझेदारी कर रहे हैं जो 3डी बायोप्रिंटिंग के उपयोग के माध्यम से हृदय, हड्डी, कैंसर आदि के संबंध में अनुसंधान बढ़ाने पर जोर देगा।

प्रस्तावित सीओई उपमहाद्वीप में अपनी तरह का पहला केंद्र होगा और इसकी स्थापना बेंगलुरु स्थित आईआईएससी में सेंटर फॉर बायोसिस्टम्स साइंस एंड इंजीनियरिंग (बीएसएसई) में की जाएगी।

आईआईएससी ने शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी। उसने कहा कि इससे 3डी बायोप्रिंटिंग प्रणाली तक पहुंच हो सकेगी जिससे शोधकर्ताओं को स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों के जरिए अपने काम में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए 18 अगस्त को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

बयान के अनुसार नए सीओई में सेललिंक के कई अत्याधुनिक 3डी बायोप्रिंटर होंगे और इस कई शोध पहल और प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए एक अहम केंद्र के रूप में काम करेगा।

आईआईएससी के निदेशक प्रोफेसर गोविंदन रंगराजन ने कहा कि सीओई 3डी बायोप्रिंटिंग अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में नए रास्ते तलाशने में मदद करेगा।

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